उधर, नादौन के अमतर में अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम की छत को भी तेज हवाएं उड़ाकर ले गई हैं। बड़सर की चार पंचायतों के दो दर्जन गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। कुल्लू जिला में 17 घरों और शेड की छतें उड़ गईं।
- फोटो : अमर उजाला
देर रात आई तेज आंधी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई जगहों पर बिजली के तार और खंभे टूटकर गिर गए तो वहीं चार घरों में आग लग गई। इन घटनाओं में एक घर मेें बंधी 10 बकरियां जल कर मर गई। तेज हवाओं से कई लोगाें के मकानों के छप्पर व टिन शेड भी उड़ गए। गौरतलब है कि सोमवार देर शाम आई तेज आंधी के दौरान जालौन कुठोंद
मार्ग पर हाईटेंशन लाइन का खंभा अचानक नीचे आ गिरा। इससे जालौन औरैया मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इसी तरह जालौन तहसील में ग्राम गिदासुआ में तेज आंधी के चलते एक घर में आग लग गई। आग आंधी से चूल्हे की आग के फैलने के कारण लगी। हालांकि लोगों ने सूझबूझ से जल्द ही आग पर काबू पा
लिया। इधर माधौगढ़ के बरसोला गांव निवासी रामबाबू और दिनेश के घर में आग लग गई। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया। उधर, कुड़सेड़ा गांव में खेतों
में लगी आग की चिंगारीे तेज हवा में गांव तक पहुंच गई जिससे कहरी सिंह तोमर का घर जल गया। इस घटना में उसके घर में बंधी 10 बकरियां जिंदा जल गई। घटना से गांव में चीखपुकार मच गई। वहीं, कुठौंद में तेज हवा और आंधी के चलते कई मकानों की टिन शेड उड़ गई। उरई में भी आंधी आने से लोग जहां के तहा रुक गए। यातायात पूरी तरह ठप हो गया।