प्राकृतिक आपदा से टूट चुके किसानों की फसल पर अब अन्ना जानवर कहर बनकर टूट
रहे हैं। किसान रात भर जागकर फसल रखाने को मजबूर हैं। जरा सी चूक पर ये
जानवर इनकी फसल चट कर जाते हैं। परेशान किसानों ने डीएम से समस्या का
समाधान करते हुए फसल बचाने की गुहार लगाई है।
पांच साल से प्राकृतिक
आपदा से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसानों के लिए एक और मुसीबत आ गई है। इन
दिनों पूरे जिले में अन्ना पशुओं के कारण किसानों को रात भर जाग कर अपनी
फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। जो किसान एक रात ही खेत पर नहीं जाता
सुबह उसकी पूरी फसल ही साफ हो जाती है। बोहदपुरा के किसान उमाशंकर सिंह,
गरीबे यादव , राजू राजा
आदि ने बताया कि गांव के पास जंगल होने से आसपास के
गांवों के किसान रात में अपने पशुओं को छोड़ जाते है। य रात में फसल चट कर
जाते है। अन्ना पशु करीब 500 हैं। कुकरगांव के किसान काजू दुबे ने बताया
कि पूरा क्षेत्र अन्ना पशुओं के
आतंक से परेशान है। डकोर के मुहम्मदाबाद से
लेकर कई गांवों में यही समस्या है। वहीं आटा के चमारी गांव से लेकर आसपास
के गांवों में भी कई एकड़ फसल पशु उजाड़ चुके हैं। किसानों ने डीएम रामगणेश
से मांग की है कि समस्या का निदान कर राहत दिलाएं। उधर डीएम ने बताया कि
वैकल्पिक गौशाला बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे किसानों की फसल बच
सकेगी।