आंधी का कहर...दो की मौत, पांच गंभीर घायल, एक दर्जन ट्रेनें रोकी गईं
उरई। जिले में बृहस्पतिवार की रात नौ बजे तेज हवा चलने लगी, जो बाद में आंधी के रूप में तब्दील हो गई। कोतवाली क्षेत्र के बजीदा गांव निवासी बाड़े में सो रहे मूलचंद (60) पर दीवार गिर पड़ी। इससे उनकी मलबे में दबकर मौत हो गई। परिजनों को सुबह उनकी मौत की जानकारी मिली। इधर, कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला उमरारखेरा निवासी सुखदेई (55) छत पर रखे बर्तन उठाने गईं थी, तभी आंधी से वह नीचे गिर गईं। नीचे रखा लोहे का फर्मा उनके गर्दन व सिर में लग गया। चोट लगने से उनकी भी मौत हो गई। आंधी के कारण बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। जिले में 500 से अधिक बिजली पोल उखड़कर गिर गए तो लगभग 25 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। शहर समेत जिले के सात सौ से अधिक गांवों में बृहस्पतिवार रात से बिजली आपूर्ति बाधित रही, जो शुक्रवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी।
आंधी के कारण पांच से सात हजार पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे आवागमन भी बाधित हुआ। इधर, झांसी-कानपुर रेलखंड पर ओएचई पोल टूटने के कारण अमृत भारत समेत एक दर्जन ट्रेनें रोकनी पड़ीं। ये ट्रेनें कई घंटे की देरी से रवाना हो सकीं। बिजली न आने से लोग पानी व अन्य समस्याओं से जूझते नजर आए। वहीं अधिकारी जल्द व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की बात कह रहे हैं। (संवाद)
आंधी का कहर...दो की मौत, पांच गंभीर घायल, एक दर्जन ट्रेनें रोकी गईं
आंधी का कहर...दो की मौत, पांच गंभीर घायल, एक दर्जन ट्रेनें रोकी गईं