उरई। थाना परिसर में हुए चर्चित थाना प्रभारी हत्याकांड मामले में जेल में बंद महिला सिपाही की शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश न्यायालय में पेशी हुई। इस दौरान आरोपी द्वारा दाखिल डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर सुनवाई होनी थी, लेकिन मामले की अगली तारीख 21 मई तय कर दी गई।
जानकारी के अनुसार आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को सुबह जिला कारागार से पुलिस वैन के जरिए न्यायालय लाया गया। सेशन कोर्ट में पेशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया। गौरतलब है कि अरुण राय निवासी गोरखपुर, उस समय कुठौंद थाने में तैनात थे। पांच दिसंबर 2025 की रात थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में उनके सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी।
मामले में अरुण की पत्नी माया राय ने 6 दिसंबर को महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद सात दिसंबर को पुलिस ने आरोपी महिला सिपाही को शहर के रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच के बाद महिला सिपाही के खिलाफ हत्या के मामले में आठ मार्च 2026 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी। घटना के करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी आरोपी महिला सिपाही को अभी तक जमानत नहीं मिल सकी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा जनपद न्यायाधीश न्यायालय से उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। अब तक इस मामले में महिला सिपाही की दस बार कोर्ट में पेशी हो चुकी है।