एसडीएम को थाने परिसर में जलभराव होने की जानकारी देते एसओ।
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नगर पंचायत कदौरा में वर्ष 2014-15 में कराए गए विकास कार्योें का मंगलवार को एसडीएम ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण मेे एक भी कार्य सही नहीं पाया गया। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी व ठेकेदारों पर कार्रवाई कर उनसे रिकवरी की बात कही। नगर पंचायत कदौरा द्वारा वर्ष 2014-15 में एक करोड़ 15 लाख रुपये की
लागत से विभिन्न मोहल्लों में इंटरलाकिंग, सीसी, पुलिया, नाली व नाला का निर्माण कराया गया। इन कार्यों की जमीनी हकीकत देखने के लिए एसडीएम जलराजन चौधरी ने मोहल्ला पुरवा में राजू के मकान से छोटेलाल के मकान तक पांच लाख 80 हजार से कराई गई इंटरलाकिंग जगह-जगह उखड़ी पाई गई। इसी मोहल्ला के रामकुमार के मकान से छोटेलाल के घर
तक 19 लाख की लागत से कराई इंटरलाकिंग भी ध्वस्त पड़ी मिली। हर जगह कूडे़ के ढेर लगे मिलने पर अवर अभियंता नगर पंचायत को फटकार लगाई। वहीं, बाजार में परशुराम की दुकान से कृषि बीज भंडार के सामने 15 लाख की लागत से बनी पुलिया फूटी पाई गई। मोहल्ला बम्हौरी में 11 लाख की लागत से इंटरलाकिंग, पुलिया बनवाई गई, इसमें इंटरलाकिंग
उखड़ी व पुलिया टूटी मिलने पर भी एसडीएम ने नाराजगी जताई। मोहल्ले में बलराम के मकान से पंकज के मकान तक 8 लाख से कराई गई इंटरलाकिंग कार्य में नालियां पूरी तरह से फूटी देखने को मिली। मोहल्ला हैदलपुरा में अंबेडकर विद्यालय से भगवत विशाल इंटर कालेज तक इंटरलाकिंग व पुलिया टूटी मिली। कटरा अस्तबल मेें पुलिस थाना से स्वास्थ्य
केेंद्र तक नाला निर्माण कार्य भी मानक विहीन पाया गया। थानाध्यक्ष रुद्रकुमार ने एसडीएम से शिकायत की है कि थाना का पानी नाला में नहीं पहुंच पाता है। जिससे थाने परिसर में जलभराव हो जाता है। एसडीएम ने कहा कि यहां विकास कार्यों में काफी घपला मिला है। जांच के दौरान काफी कार्य सही नहीं मिले हैं। संबंधित ठेकेदारों व अधिकारियों से रिकवरी की जाएगी।