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सपा की रार: सीएम ने नहीं दिया समय

Fri, 12 Aug 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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समाजवादी पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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जिले में समाजवादी पार्टी  की अंदरूनी कलह सड़क पर आती नजर आ रही है। दोनों खेमे जोर आजमाइश में लगे हैं। खेमे के नेतृत्वकर्ताओं ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है। बर्खास्त जिलाध्यक्ष हैं तो दूसरे में उनके विरोधी। संभव है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री से दोनों धड़े के नेता मुलाकात करेंगे। बताते चलें कि पांच अगस्त को पार्टी के एक धड़े के नेताओं ने
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मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जिले के हालात की जानकारी दी। यह भी फीडबैक दिया गया है कि बबीना उपचुनाव में किस तरह से पार्टी को संघर्ष करना पड़ा। इतना ही नहीं कुछ अफसरों की कारगुजारियों से पार्टी को हो रहे नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई। इस पर मुख्यमंत्री ने पार्टी की इंटरनल रिपोर्ट तलब की। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश

अध्यक्ष होने के नाते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्ष सहित पूरी जिला कार्यकारिणी बर्खास्त कर दी। इसके बाद पार्टी के एक गुट के नेता मुख्यमंत्री के पास गए और उन्हें इसके लिए धन्यवाद दिया। साथ ही नए जिलाध्यक्ष के नाम का सुझाव भी दे आए। अब दूसरे गुट ने भी दो दिन से लखनऊ में डेरा डाल लिया है और मुख्यमंत्री के सामने अपना पक्ष
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रखने की कोशिशें शुरू कर दीं। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें मिलने का समय तक नहीं दिया। अब इस गुट की उम्मीद मंगलवार को लखनऊ मेें होने वाले जनता दर्शन पर टिकी है। मुख्यमंत्री इस दिन आम लोगों से मिलकर समस्याएं सुनेंगे। ऐसे मेें इस दल के नेता इसी दौरान मुख्यमंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखने की जुगत में लग गए हैं।

सीएम की कार्रवाई पर सुप्रीमो से आस
सूत्रों की मानें तो जालौन में सीएम अखिलेश यादव की कार्रवाई के बाद जिले के कुछ नेताओं ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के यहां भी भागदौड़ शुरू कर दी है। उन्हें आस है कि शायद नेताजी अखिलेश यादव पर दबाव बनाएं और फैसला पलट जाए। सूत्रों के अनुसार प्रो. रामगोपाल समेत आजम खां और शिवपाल यादव से भी संपर्क का  प्रयास किया जा रहा है।
 
समीकरण साधने में जुटी सपा
जिला पंचायत बबीना का उपचुनाव सपा की गले की फांस बन गया है। जिस माई (मुस्लिम-यादव) समीकरण के दम पर सपा प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई थी, ऐन चुनावों के समय जिले में यह समीकरण ध्वस्त होने से सपा नेतृत्व खासा परेशान है। सपा प्रदेश अध्यक्ष पूरी सपा की जिला कमेटी को पहले ही भंग कर चुके हैं । बताया जाता है की मामला सपा के

राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव तक पहुंच गया है। अब नेतृत्व जिले में इस समीकरण को दुरुस्त करने के लिए मंथन में जुट गया है। निवर्तमान जिलाध्यक्ष व एक बडे़ नेता की रणनीति के चलते जिले में सपा का कैडर वोट पहली बार दो फाड़ हो गया है। इससे नाराज नेतृत्व ने हकीकत की जानकारी कर पूरी जिला कमेटी भंग कर मामले को संभालने की

कोशिश की है। बताया जा रहा है कि प्रकरण की जानकारी सपा मुखिया मुलायम सिंह को भी दे दी गई है । पार्टी सूत्रों के अनुसार नेतृत्व की मंशा सपा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति, सपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के टिकट व कालपी विधानसभा का टिकट वितरण में ऐसे लोगों को समायोजित करने की है जिससे सपा के यादव मुस्लिम समीकरण के साथ ही अन्य

बैकवर्ड जातियों की गोलबंदी भी सपा के पक्ष में हो जाए। साथ ही सवर्णों में भी गलत संदेश न जाए। इसके लिए जिले के कई वरिष्ठ नेताओं को गोपनीय रूप से लखनऊ तलब किया गया है। लखनऊ पार्टी कार्यालय में शुक्रवार को जिले की स्थिति को लेकर लंबी चर्चा की गई है। अब निर्णय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेना है।
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