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पहली बार साथ दिखे सपा और कांग्रेसी नेता

Sat, 28 Jan 2017 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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इकलासपुरा रोड स्थित सपा कार्यालय में मौजूद सपा व कांग्रेस के प्रत्याशी। - फोटो : अमर उजाला
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जिले की राजनीति में यह पहला मौका है, जब एक दूसरे को कोसने वाले सपाई और कांग्रेसी एक साथ एक ही कार्यालय में दिखाई दिए। सपा-कांग्रेस के गठबंधन के बाद शनिवार को सपा कार्यालय में पार्टी की मासिक बैठक में पहले सपाई पहुंचे तो कुछ देर बाद ही माधौगढ़ और कालपी सीट से कांग्रेस के दावेदार भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। नजारा देख सपाई कुछ
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चकित थे, लेकिन न किसी ने एक दूसरे पर कोई तंज कसा और न ही किसी कमियां गिनाईं, बल्कि एकजुट होकर सियासी घमासान में विरोधियों को हराने का संकल्प दोहराया। हाईवे स्थित सपा के पार्टी कार्यालय में मासिक बैठक हो रही थी। अभी तक किसी को अंदाजा नहीं था कि स्थानीय बैठक में भी प्रदेश स्तर पर हुए गठबंधन का भी रंग चढ़ जाएगा। बैठक शुरू

होने के कुछ देर बाद ही कालपी प्रत्याशी उमाकांति के पति सुरेंद्र सरसेला अपने समर्थकों के साथ अखिलेश राहुल जिंदाबाद के नारे लगाते कार्यालय पहुंच गए। कुछ ही समय बीता था कि माधौगढ़ से कांग्रेस के प्रत्याशी विनोद चतुर्वेदी भी अपने समर्थकों के साथ सपा कार्यालय के भीतर खड़े नजर आए। सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल दादी और उरई सीट से सपा प्रत्याशी महेंद्र
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कठेरिया ने भी बिना देर किए बांहें फैलाते हुए कांग्रेसियों का स्वागत किया। इसके बाद सभी ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठाया और हाईकमान के गठबंधन को और मजबूत करने

की बात कही। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर चौधरी, रेहान सिद्दकी, सुरेंद्र सरसेला के अलावा सपा से पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया, संतराम कुशवाह,  विष्णुपाल सिंह नन्नू राजा, राजीव मिश्रा, रामजी नन्हा, बबलू महाराज आदि मौजूद रहे।

निशाने पर रही भाजपा, बसपा
सपा और कांग्रेस दोनों दलों के निशाने पर भाजपा और बसपा रहीं। नेताओं ने अपने विचारों से भाजपा और बसपा की कमियां गिनाईं और सपा और कांग्रेस की नीतियों को वोटरों के बीच पहुंचाने की बात कही।

आज तो कांग्रेसी भाईयों की सुनी जाएगी
कार्यालय सपा का था, तो पहले सपा नेता ही गठबंधन पर बोल रहे थे। इस पर कुछ वरिष्ठ सपाई बोल पड़े कि आज तो कांग्रेसी भाई भी बीच में मौजूद हैं। इसलिए हम तो आज इन्हीं की बात सुनेंगे।

बिना बैनर-झंडे पहुंचीं नेताओं की गाड़ियां
जिला पंचायत चुनाव के बाद शुक्रवार को पहला मौका था जब सपा कार्यालय के बाहर लग्जरी गाड़ियों का हुजूम था, जिनमें विधायक, पूर्व मंत्री और सांसद भी लिखा था लेकिन बैनर झंडे न होने से उनके दलों का पता नहीं चल पा रहा था।
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