आटा। पिता की त्रयोदशी के कार्ड बांटने निकले युवक की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। पिपरायां के पास युवक की बाइक को कार ने सामने से टक्कर मार दी। जिससे युवक व उसका चचेरा भाई गंभीर रुप से घायल हो गए। दोनों को पहले जिला अस्पताल फिर मेडिकल कालेज ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने युवक की हालत गंभीर देख उसे कानपुर रेफर कर दिया। रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया। जबकि कार खड्ड में जा घुसी और उसमें सवार लोग भाग निकले। पुलिस का कहना है कि बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं लगाए थे। कार का नंबर दिल्ली का है, फिलहाल उसके मालिक व चालक का पता किया जा रहा है।
कानपुर जिले के थाना घाटमपुर के गांव गुरैयन निवासी युवक छोटे यादव (19) पुत्र स्व. वीर सिंह यादव अपने चचेरे भाई सोनू (25) पुत्र दयाशंकर के साथ बाइक से पिता की त्रयोदशी के कार्ड बांटने के लिए मौसी के घर आटा थाना क्षेत्र के पिपरांया गांव गया था। मंगलवार सुबह जब वह पिपरांया से लौटकर अपने गांव जा रहे थे, तभी इटौरा रोड पर सामने से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक चला रहा छोटे व सोनू दोनों ही उछलकर सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए।
जबकि कार भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में जा गिरी। कार के खड्ड में गिरते ही उसमें सवार लोग उससे निकलकर भाग गए। इलाकाई लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से मेडिकल कालेज और फिर छोटे को कानपुर रेफर किया गया। कानपुर जाते वक्त रास्ते में ही छोटे की मौत हो गई है। पुलिस का कहना है कि गाड़ी मालिक व उसे हादसे के वक्त चलाने वाले का पता किया जा रहा है। छोटे व सोनू दोनों के घरवाले भी मौके पर पहुंच गए हैं।
सप्ताह भीतर छिना सुहाग और बेटा
परिजनों ने बताया कि सप्ताह भीतर पहले पिता और मंगलवार को पुत्र दोनों की मौत से बदहवास छोटे की मां नम्रता बार-बार यही चीख रही थी कि उसने किसी का क्या बिगाड़ा था, जो एक साथ सुहाग व गोद दोनों ही भगवान ने उससे छीन लिए। नम्रता की हालत देख मोहल्ले की महिलाओं की आंख भी नम हो रही थीं। पास पड़ोस के लोगों के मुताबिक दो फरवरी को छोटे के पिता वीरसिंह तेरहवीं संस्कार का कार्यक्रम भी था।
कार में जैकेट व शराब के क्वार्टर मिले
घटनास्थल पर खंदक में पड़ी सफेद रंग की कार में पुलिस को दो जैकेट मिली हैं, हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि कार में शराब के दो तीन क्वार्टर भी पड़े थे लेकिन पुलिस इससे इंकार कर रही है। सूत्रों के अनुसार कार भी पिपरांया निवासी किसी व्यक्ति की है, जिसका पता पुुलिस ने लगा भी लिया है और जल्द ही उसे पकड़ भी लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि कार सवारों को भी चोट लगी होगी और उन्होंने कहीं इलाज भी जरुर कराया होगा।
चार घंटे बर्बाद न होते तो बच जाती जान
इलाकाई लोगों का कहना है कि यदि समय पर छोटे को सही इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच भी सकती थी। घायल होने के कुछ देर बाद जब राहगीरों की मदद से पुलिस उसे लेकर पहले जिला अस्पताल फिर मेडिकल कालेज और आखिर में आटा से होते हुए कानपुर ले जाया जाने लगा इस दौरान करीब तीन से चार घंटे का समय लगा और आखिर में कानपुर पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
मौत का रास्ता बना आटा-इटौरा मार्ग
इटौरा और पिपरांया गांव के हन्नू महाराज, लालू, गौरव व शंभू दयाल आदि का कहना है कि इटौरा और पिपरांया के बीच पड़ने वाला आटा-इटौरा मार्ग मौत का रास्ता बनता जा रहा है। तीन माह के भीतर एक दर्जन से अधिक सड़क हादसों में करीब 4 से 6 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 10-15 वाहन सवार घायल हो चुके हैं, फिर भी मार्ग को चौड़ा नहीं किया जा रहा है।
घायल सोनू- फोटो : ORAI
आटा में खंडक मे छतिग्रस्त पडी कार- फोटो : ORAI