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Jalaun: बीमार मां को हाथ ठेले पर लेकर अस्पताल पहुंचा बेटा, पहले बहन के लिए समय से नहीं पहुंची थी एंबुलेंस

Mon, 14 Nov 2022 08:40 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, कालपी (जालौन)

सार

हाथ ठेले से अपनी वृद्ध मां को सीएचसी लेकर आए रफीक ने बताया कि पूर्व में उसकी बहन की तबियत अचानक से बिगड़ गई थी। उसने एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस दो घंटे देरी से आई थी। इस कारण ही एंबुलेंस सेवा से विश्वास उठ चुका है।
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हाथ ठेले पर बीमार मां को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा रफीक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल सोमवार को खुलती नजर आई। जब एक बेटा अपनी बीमार मां को हाथ ठेले पर बैठाकर सीएचसी पहुंचा। नगर के मोहल्ला हरीगंज निवासी रफीक की वृद्ध मां राबिया सोमवार को घर में अचानक गश खाकर गिर गई थी। रफीक एंबुलेंस का सहारा लेने के बजाय हाथ ठेले पर मां को बिठाया और धक्का देते हुए सीएचसी कालपी ले गया।

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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जैसे ही हाथ ठेले पर मरीज को आते देखा तो तुरंत स्ट्रेचर मंगवाकर उन्हें अस्पताल ले जाकर इलाज किया। हाथ ठेले से अपनी वृद्ध मां को सीएचसी लेकर आए रफीक ने बताया कि पूर्व में उसकी बहन की तबियत अचानक से बिगड़ गई थी। उसने एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस दो घंटे देरी से आई थी। समय पर एंबुलेंस न पहुंचने के कारण ही एंबुलेंस सेवा से विश्वास उठ चुका है। जिस कारण मां को हाथ ठेले से अस्पताल लाने के लिए मजबूर होना पड़ा। रफीक ने बताया कि हालांकि आज उसने एंबुलेंस को फोन नहीं किया था।

सीएचसी के लिए हैं दो एंबुलेंस
कालपी सीएचसी के लिए दो एंबुलेंस हैं। इस बाबत सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉक्टर उदय कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। एंबुलेंस सेवा के लिए सीएचसी उत्तरदायी नहीं है। 108 नंबर पर फोन करने पर ही एंबुलेंस सेवा उपलब्ध होती है। यह सेवा लखनऊ से संचालित है। कालपी क्षेत्र के लिए मात्र दो एंबुलेंस उपलब्ध हैं। जो पहले फोन करता है उसके पास पहले एंबुलेंस पहुंचती है।

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