रिटायर फौजी इंद्र सिंह को साल में तीन से चार बार सर्पदंश की पीड़ा झेलनी पड़ती थी। यह सिलसिला 1991 से शुरू हुआ और 2010 तक चला। वर्ष 1991 में पहली बार इंद्रसिंह को ड्यूटी के दौरान सांप ने डसा। इसके बाद यूपी, पुंछ, राजौरी और किन्नौर समेत कई जगहों पर ड्यूटी के दौरान उन्हें सर्प दंश झेलना पड़ा। मगर हर बार इंद्रसिंह की जान बचती रही।
बंगरा/उरई(जालौन)। घर में निकले सांप को पकड़ने गए सपेरे को बुधवार रात जहरीले सांप ने काट लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब इसकी जानकारी सपेरे साथियों को हुई तो घर के मालिक से 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। सूचना पाकर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। माधौगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बंगरा निवासी हरिओम तोमर के घर में बुधवार रात करीब आठ बजे कमरे में जहरीला सांप निकल आया।
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यह देख घर के लोगाें ने कमरा बंद कर इसकी जानकारी रेढ़र थाना क्षेत्र के गांव निचावढ़ी निवासी सपेरे अमर सिंह नाथ(60) को दी तो वह रात करीब साढ़े आठ बजे मौके पर आया और कमरे में बीन बजाने लगा। इस पर एक जहरीला सांप निकला तो सपेरे ने उसे पकड़ लिया। इसी बीच सांप ने अमर सिंह के हाथ में काट लिया तो वह घबरा गया और घर के बाहर रखे थैले से सांप के उपचार के लिए जड़ी बूटी लेने गया। जहां पर वह बेहोश हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सांप काटने से सपेरे की मौत से ग्रामीण जुट गए। सूचना पाकर निचावढ़ी से उसके परिजन व अन्य लोग आ गए और हरिओम तोमर से 50 हजार रुपये सपेरे की मौत पर मांगने लगे। जब उसने पैसे देने से मना किया तो सपेराें ने सुबह तक शव नहीं उठाया। इस पर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और सपेराें को समझाकर शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेेज दिया।