राठ रोड स्थित संकटा देवी मंदिर में पूजा करते भक्त।
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उरई(जालौन)। आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना पर्व के पांचवें दिन देवी मंदिरों और दुर्गा पंडालों में भक्तों की भीड़ रही। मंदिरों और घरों में स्कंद माता की विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई।
बुधवार को पंचमी तिथि पर देवी भक्तों ने विशेष आयोजन किए। हवन, पूजन के साथ विशेष शृंगार किया गया। देवी मंदिरों में मां स्कंद माता की पूजा अर्चना की गई। भक्तों ने स्कंद माता को नारंगी रंग की पोशाक धारण कराई। माता रानी को केले का भोग लगाया। पान, सुपारी, चुनरी और नारियल चढ़ाया गया। पं. अरविंद बाजपेई ने बताया कि देवी मां का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता के नाम से विख्यात है। स्कंदमाता को सृष्टि की पहली प्रसूता स्त्री माना जाता है। ताड़कासुर का वध करने के लिए देवी पार्वती व शंकर ने विवाह किया था। इनसे कार्तिकेय पैदा हुए। उन्होंने ताड़कासुर का अंत किया था। वहीं शहर के संकटा देवी मंदिर, हुल्की माता मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। मुहम्मदाबाद में बड़ी माता मंदिर पर कन्या भोज हुआ। बड़ागांव में जवाबी कीर्तन का आयोजन किया गया।
सक्रिय रहा एंटी रोमियो दस्ता
रामपुरा। रामपुरा में राजा चित्तर सिंह जूदेव बालिका इंटर कॉलेज, समर सिंह इंटर कॉलेज, बड़ी माता मंदिर, दुर्गा पंडाल और मंदिरों में एंटी रोमियो दस्ता सक्रिय है। थाना प्रभारी संजय मिश्रा व कस्बा इंचार्ज इंस्पेक्टर मिथलेश सिंह के साथ महिला कांस्टेबल शारदा, भावना, कृष्णकुमार ने मंदिर, मस्जिद, दुर्गा पंडाल आदि में चेकिंग की। लोगों को जागरूक किया गया।