उरई। राप्तीसागर एक्सप्रेस में दंपती के बैग से हुए लाखों के आभूषण चोरी के मामले में पुलिस ने छह से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की है। इस मामले में एसी कोच के कंडक्टर की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। उसकी डीआरएम से शिकायत की गई है।
तिरुअनंतपुरम से गोरखपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस की एसी एच वन कोच में 27 अक्तूबर को दंपती के बैग से लाखों रुपये के आभूषण चोरी हो गए थे। जीआरपी मामले का अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है। जीआरपी एसपी का दावा है कि सुराग लगा है, जल्द खुलासा होगा। रविवार को झांसी से आए जीआरपी के एसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि चोरी का खुलासा करने के लिए एसओजी समेत दो टीमों का गठन किया गया है।
मामले में ट्रेन के एसी कोच अटेंडेंट सहित पैंट्रीकार के कई वेंडरों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चोरी की घटना के लिए एसी कोच के कंडक्टर की भी भूमिका संदिग्ध मिली है। कोच कंडक्टर की शिकायत मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) झांसी मंडल से की गई है।
विवेचना के दौरान पता लगा है कि कोच कंडक्टर ने अपनी मर्जी से एसी कोच में एक नेपाल निवासी दंपती को भी सवार किया था। अटेंडेंट ने भी पूछताछ में स्वीकारा है कि जब चोरी का हो हल्ला होने लगा तो उसने नेपाली दंपती को दूसरे कोच में भगा दिया था। उन्होंने बताया कि जीआरपी व एसओजी टीम उन तक पहुंचने के लिए नेपाल प्रशासन से सहयोग लेने में लगी है। उन्होंने बताया इस चोरी का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।