माधौगढ़। हरौली गांव में 14 दिन से लापता किसान की मौत करीब शव मिलने से छह दिन पहले की गई थी। उसके सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार कर हत्या की गई थी। हत्या के बाद ही शव तालाब में फेंका गया था। पोस्टमार्टम में सिर पर चोट के निशान मिले हैं। उधर किसान के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर रुद्रकुमार सिंह का कहना है कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
बता दें कि माधौगढ़ के ग्राम हरौली निवासी किसान निर्भय सिंह उर्फ खूटे (50) पुत्र स्व. किशुन सिंह 13 जनवरी की शाम लापता हो गया था। निर्भय के बड़े बेटे शिवम सिंह ने कोतवाली में गांव के ही विनोद पुत्र अजुद्दी व उसके साले मुनेश निवासी ग्राम दमनापुर पर अपहरण का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। शनिवार की सुबह हरौली मजरे के ही गांव कपूरेकापुरा के तालाब में निर्भय का शव पानी में उतराता मिला था। परिजनों ने हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई थी। रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुुलासा हुआ कि निर्भय की मौत शव मिलने से करीब छह दिन पहले हो चुकी थी। उसके सिर में पीछे की तरफ करीब 6 से 7 सेंटीमीटर चोट का निशान मिला है। जोकि किसी वजनदार वस्तु के मारने से हुआ है। इसी चोट की वजह से उसकी मौत हुई है। हत्या के बाद ही शव को तालाब में फेंका गया था। उधर किसान निर्भय की बेटे शिवम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने विनोद पुत्र अजुद्दी निवासी ग्राम कपूरेकापुरा, उसके साले मुनेश निवासी दमनापुर जिला भिंड मप्र, मिहीलाल निवासी ग्राम बारेट जिला भिंड मप्र, काजू सिंह पुत्र देशराज सिंह, रघुवर व हरप्रसाद पुत्र वंशी निवासीगण ग्राम हरौली माधौगढ़ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही है। साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई, लेकिन सभी फरार है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
आखिर कहां हुई हत्या और कहां रखा रहा शव
पुलिस ने लिए इस हत्याकांड का खुलासा करना बड़ी चुनौती है। क्योंकि किसान निर्भय की हत्या छह दिन पहले ही कर दी गई थी। अगर छह दिन पहले हत्या हुई तो शव कहां रखा रहा। साथ ही हत्या को कहां अंजाम दिया गया। अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरी प्लानिंग के साथ हत्या को अंजाम दिया गया। हत्यारोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरी व्यवस्था कर रखी थी।
अपहरण के बाद गांव के आस पास ही रखा गया निर्भय
किसान निर्भय का अपहरण करने के बाद हत्यारे उसे कहीं दूर नहीं ले गए, बल्कि गांव के आसपास ही रखा। जिस तरह हरौली के पड़ोसी गांव कपूरेकापुरा में उसका शव मिला, उससे यही नजर आता है। अगर यह सच है तो आखिरकार पुलिस 14 दिन तक क्या करती रही। पुलिस की छानबीन भी गांव के ही आस पास बनी रही। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े होते है। वहीं दूसरी ओर अपहरण के बाद हत्या और फिर शव तालाब में फेंका गया। इतनी बड़ी प्लानिंग और कई दिनों का समय फिर भी किसी को कानों कान भनक नहीं लगी।
दरोगा पर लगाया संगीन आरोप
किसान निर्भय की पत्नी कुसुमकली ने थाने के दरोगा वीके आजाद पर आरोपियों से मिले होने का आरोप लगाया है। कहा कि पति के लापता होते ही बेटे शिवम ने तहरीर दी थी, जिसकी जांच एसआई वीके आजाद कर रहे थे। एसआई ने आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था, लेकिन रुपये लेकर छोड़ दिया। अगर एसआई समय रहते कार्रवाई करते तो उसका पति आज जिंदा होता। उन्होंने पति की हत्या में एसआई का भी हाथ होने का संगीन आरोप लगाया है। साथ ही एसआई के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की है।