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Jalaun News: साहब! एक पंखा और दो एलईडी बल्ब का बिल आया 3000

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उरई। साहब! एक पंखा-टीवी और दो एलईडी हैं, फिर भी बिजली का बिल तीन से साढ़े तीन हजार रुपये आ रहा है। जब तक स्मार्ट मीटर नहीं लगा था, तब तक 300 से 350 रुपये आता था। पिछले तीन महीने से लगातार तीन हजार रुपये से अधिक का बिल आ रहा है। तीन साल से चार सौ रुपये से ज्यादा कभी बिल नहीं आया। अब अचानक इतना ज्यादा आ रहा है। मजदूरी कर पेट पालते हैं, बिजली का बिल भरें या घर चलाएं। ये बातें सुशील नगर, लीला गार्डन निवासी नंदकिशोर ने बताईं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। विभाग की ओर से केवल यह कहा गया कि ज्यादा बिजली की खपत हो रही होगी और इसके बाद शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर ली गई।
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सिरसाकलार में स्थिति और गंभीर हो गई। यहां कई ग्रामीणों को दो महीने का बिजली बिल 16 हजार रुपये से अधिक भेज दिया गया। कस्बा निवासी डीके शिवहरे को दो माह का घरेलू बिल 16 हजार रुपये मिला। वह कैंप में पहुंचे तो विवाद की स्थिति बन गई। जहटोली निवासी बीर सिंह सेंगर ने बताया कि उनका दो माह का बिल 4600 रुपये भेजा गया। वहीं गिंगोरा निवासी रामेश्वर प्रजापति ने बताया कि दो माह पहले उनका कनेक्शन हुआ था लेकिन अभी तक बिल ही नहीं भेजा गया है। किसी भी उपभोक्ता की शिकायत का मौके पर समाधान नहीं हो सका।
कोटरा में तो मामला और अजीब था। यहां एक ही मीटर के दो बिल आ रहे हैं। जब शिकायत की गई, तो अधिकारी पहले तो ध्यान नहीं दे रहे थे, लेकिन जब दोनों बिल सामने रखे गए, तो सब एक-दूसरे का मुंह देखने लगे। शान मोहम्मद मोद ईया ने बताया कि उनके घर के कनेक्शन पर दो बिल आ रहे हैं। उन्होंने कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई संशोधन नहीं हुआ। कैंप में मौजूद विनोद चतुर्वेदी, वीर सिंह परिहार, हर्ष जादौन, उमाकांत व्यास, जितेंद्र सभासद रामकुमार ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे भारी परेशानी हो रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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बिजली विभाग ने जिले भर के कई बिजलीघरों के पास मेगा कैंप लगाए, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें बिलों में गड़बड़ी को लेकर आईं। 300 शिकायतें आईं, 20 लाख की राजस्व वसूली हुई। 60 से 70 प्रतिशत शिकायतें बिल संबंधी थीं। शहर में जहां स्मार्ट मीटर से गड़बड़ी सामने आई, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिना रीडिंग के बिल भेजे गए। विभाग का कहना है कि इसलिए कैंपों का आयोजन किया गया, ताकि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान हो सके। हाथी मंदिर, ऊर्जा भवन और गल्ला मंडी के पास आयोजित इन कैंपों में लखनऊ से अधीक्षण अभियंता मनीष द्विवेदी, नंदलाल, अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ, गौरव गुप्ता, ऋषभ राजपूत, गौरव कुमार, मुकुल वर्मा, छोटू मंसूरी आदि मौजूद रहे। सिरसाकलार में कुल 17 शिकायतें आईं, जिनमें से 7 का मौके पर निस्तारण हुआ और 1,75,000 रुपये की वसूली की गई।
इस दौरान एसडीओ सुनील कुमार, सुरेश कुमार, टीजी-2 पंकज भदौरिया, एसएसओ अभिषेक सिंह, जेई सलीग्राम कुशवाहा, और लाइनमैन वीपी सेंगर, गौरव राजपूत, कमल कुशवाहा, रामवीर, दिलीप मौजूद रहे। कोटरा में कुल 52 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 13 का मौके पर समाधान हुआ और 22,500 रुपये की वसूली की गई। लखनऊ से आए अधीक्षण अभियंता मनीष द्विवेदी की अध्यक्षता में कैंप लगाया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष सियाशरण व्यास ने नगर के मुख्य बाजार में लोहे के जीर्ण-शीर्ण विद्युत पोल बदलने की मांग रखी। इस कैंप में एसडीओ सूरज सोनी, शरीफ अहमद, शिवम द्विवेदी, मनोज कुमार, विजय वर्मा उपस्थित रहे।


क्यों आ रहे हैं ज्यादा बिल
एसडीओ ऋषभ राजपूत ने बताया कि शहर में स्मार्ट मीटरों से गड़बड़ बिल आने की शिकायतें हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि मौके पर कर्मचारी कम रीडिंग दर्ज कर रहे हैं, जिससे बिल गलत बन रहा है। जो उपभोक्ता कार्यालय में शिकायत लेकर आ रहे हैं, उनका बिल सुधार दिया जा रहा है। पुराने बिलों में भी रीडिंग गड़बड़ी के कारण गलतियां हैं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है।
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