बीएसए कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे शिक्षामित्र।
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उरई। समायोजन रद करने के फैसले के बाद चौथे दिन भी शिक्षामित्रों का प्रदर्शन जारी रहा। शनिवार को शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि को ज्ञापन देकर सहयोग मांगा। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष इंद्रजीत विश्वकर्मा की अगुवाई में सैकड़ों शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंचे। कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। धरना सभा में इंद्रजीत ने समायोजन रद होने के फैसले ने शिक्षामित्रों का जीवन बर्बाद कर दिया है। अब उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रहीं इसलिए शिक्षामित्र जीवन से मुक्ति चाहते हैं। इतने वर्षों की मेहनत का शिक्षामित्रों को क्या यही फल मिलना था कि वह दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाएं।पूनम द्विवेदी ने कहा कि कई ऐसी महिलाएं हैं जिनका परिवार शिक्षामित्र बनने के बाद व्यवस्थित हुआ था, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया है। सीमा सिंह ने कहा कि यह समझ से परे है कि शिक्षामित्र किस गुनाह की सजा पा रहे हैं। पहले नौकरी के लिए लाठियां खाईं अब नौकरी बचाने के लिए सड़कों पर बैठना पड़ रहा है। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि देवेंद्र निरंजन को ज्ञापन देकर सहयोग मांगा। धरना प्रदर्शन में कल्पना, अरविंद सिंह, चतुर सिंह, पूनम द्विवेदी, कमलेश कुमार, अंजनी कुमार, अनुरुद्ध कुमार, बाबू लाल, अजय कुमार, राम प्रकाश, सीमा सिंह, राधा यादव, शालिनी निरंजन, रंजना तिवारी, रश्मि देवी, क्षमा पांडे, रजनी द्विवेदी, संतोषी देवी, सुनीता चौधरी और गुलाब देवी आदि मौजूद रहीं।
शिक्षक भी शिक्षामित्रों के साथ आए
उरई। शिक्षक कर्मचारी मोर्चा भी शिक्षामित्रों के समर्थन में खड़ा हो गया है। शनिवार को कर्मचारी शिक्षक मोर्चा अध्यक्ष लाल सिंह चौहान ने शिक्षमित्रों को समर्थन देने का एलान किया। इसी तरह भारतीय क म्युनिस्ट पार्टी भी शिक्षामित्रों के साथ आ गई है। पार्टी के विजय सिंह राठौर ने कहा कि शिक्षामित्रों का आंदोलन जायज है। पार्टी हर स्तर पर उनका साथ देगी।