उरई। समायोजन निरस्त होने से शिक्षामित्रों में भूचाल आ गया है। कई सालों से सरकारी विद्यालयों में अपनी सेवायें दे रहे शिक्षामित्र जीविका को खतरे में देख भटकते नजर आ रहे हैं। अपनी बहाली को लेकर दूसरे दिन शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। गुरुवार को शिक्षामित्रों ने बीएसए ऑफिस के बाहर नारेबाजी की तथा मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा। इसमें उन्होंने समायोजन के बहाली की मांग की है।
समायोजन निरस्त कर दिया है। इससे हजारों शिक्षामित्रों की जीविका खतरे में आ गयी है। आदेश आते ही शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। पहले दिन कलैक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुये शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा था। पर कोई बात न बनती से शिक्षा मित्र गुरुवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गये। शिक्षकों ने समायोजन के निरस्तीकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने प्रभारी बीएसए भगवत प्रसाद पटेल को दिये ज्ञापन में मांग करते हुये कहा कि शिक्षामित्र को वर्ष 2011 में प्राइवेट दो वर्षीय बीटीसी करने की अनुमति दी गई थी। जिसके तहत 58 हजार शिक्षामित्र प्रशिक्षण प्राप्त कर अगस्त 2014 तथा दूसरे चरण 2015 में 90 हजार प्रशिक्षण प्राप्त कर सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किये गये थे। जबकि 24 हजार शिक्षामित्र अभी भी प्रशिक्षण ले रहे है। सभी शिक्षामित्र पिछले 14 वर्षों से शिक्षण का कार्य कर रहे है। उनके जीवन का आधा समय लगभग इसी में गुजर गया है। इनमें से ज्यादातर लोग तो अधिक उम्र के कारण अब किसी और जगह कोई काम करने में असमर्थ है। इसलिए शासन को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की गाइड लाइन में संशोधन कर प्रदेश भर के एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन का रास्ता साफ करना चाहिये। इस मौके पर आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत विश्वकर्मा, मंत्री राधाकृष्णा द्विवेदी, रामबिहारी झा, रणकेन्द्र सिंह, महेश प्रताप सिंह, अनुरुद्ध शुक्ला, प्रेम कुमार, नंदराम, अवधेश सैनी, आशुतोष पाठक, आशीष कुमार, प्रभुदयाल, सीताराम, मुकेश दुबे, कमलेश कुमार, सरस्वती सैनी, पूनम झा, अर्चना देवी, अभिलाषा, किरण मिश्रा, रंजना तिवारी, सुमनलता, मधु देवी, पूजा वर्मा, आशा देवी समेत सैकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।
पुलिस फोर्स रहा तैनात
उरई। जगह जगह शिक्षामित्रों के प्रदर्शन में हो रहे हंगामे को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। बीएसए कार्यालय में धरना प्रदर्शन के दौरान किसी हंगामें की आशंका के चलते पहले से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। शिक्षामित्रों के नारेबाजी के दौरान पुलिस की हर व्यक्ति पर नजर बनी रही।