उरई। पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने के मामले में अपर जिला जज प्रथम ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई। उस पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर सात माह को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
तत्कालीन एसओजी प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उन्हें 21 दिसंबर 2010 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोंच बस स्टैंड के पास हमीरपुर जनपद के चिकासी थाना क्षेत्र के बिरहर गांव निवासी जगभान उर्फ जगमोहन किसी वारदात की फिराक में घूम रहा है। जब वह हमराही के साथ मौके पर पहुंचे तो जगभान ने उन पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग किया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। पुलिस ने घेराबंदी कर फायरिंग करने वाले जगभान को पकड़कर उसके पास से तमंचा बरामद किया। पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया था।
कोर्ट में चले ट्रायल के बाद सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें अपर जिला जज शिवकुमार प्रथम ने जगभान को दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुनाकर 11 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।