धरना प्रर्दशन को संबोधित करते डीपीआरओ मो.सरफराज आलम
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जिला पंचायतराज विभाग की ओर से कलेक्ट्रेट में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन शुक्रवार को किया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार से ग्राम पंचायत के पूर्ण अधिकार के शासनादेश को पारित करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी ग्राम्य विकास विभाग के बंधुआ मजदूर बनकर रह गए हैं। बीडीओ प्रादेशिक सेवा नियमावली का
संशोधन कर पंचायतीराज विभाग के सहायक को पदोन्नति के कोटे को समाप्त कर दिया गया जो अधिकारों का सीधा हनन है। कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को धरना प्रदर्शन में जिला पंचायतराज अधिकारी मोहम्मद सरफराज ने कहा पंचायत चुनाव के परसीमन से लेकर वार्डों के निर्धारण का कार्य विभाग के सहायक विकास अधिकारी की ओर से किया जाता है।
मानदेय मिलने की बात आती है तो ग्राम विकास अधिकारी को दिया जाता है। बीडीओ पद के नाम का फायदा उठाकर पंचायती राज व्यवस्था एवं वभाग को अपने अनुसार चलाना चाहते है। इस दौरान उन्होंने उन तमाम शासनादेशों का जिक्र किया जिसमें बीडीओ समन्वयक के रूप में कार्य करता था। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि
पंचायत राज विभाग के अधिकारों का नेतृत्व कोई और नहीं कर सकता। कर्मचारी अंगद सिंह और राजबहादुर पटेल ने भी तमाम विसंगतियों का जिक्र किया। धरना के बाद मुख्यमंत्री
को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी संदीप कौर को सौंपा गया। धरना में राकेश कुमार त्रिपाठी, देवेंद्र सिंह राजावत, यतींद्र कुमार पिपरैया, मुबारक खां, धमेंद्र कुमार, आशीष झा, रघुनाथ प्रसाद स्वर्णकार, रमाशंकर प्रजापति, नरेश चंद्र आदि मौजूद रहे।