उरई। मानसिक रूप से यदि बीमार हैं तो झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ें। संबंधित चिकित्सक से मिलें और उन्हें अपनी समस्या ठीक से बताएं। उसके बाद उपचार के जरिये आप अपनी बीमारी को दूर कर सकते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए कालेशाह पहलवान की मजार पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम हुआ। दुआ से दवा तक कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को मानसिक रोगों के लक्षण और इलाज के बारे में बताया गया। मानसिक स्वास्थ्य विभाग के साइकेट्रिक व सोशल वर्कर दिनेश सिंह ने कहा इलाज संभव है। मानसिक रोग कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। छुपाए नहीं, जितनी जल्दी इसका इलाज शुरू कराएं। किसी प्रकार के झाड़फूक के चक्कर में न पड़ें।
मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाकर सही इलाज प्राप्त करें। जिला अस्पताल में बने मानसिक रोग विभाग में या टेली मानस टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क कर सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार महेश कुमार ने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी। इस दौरान मुअज्जिन अली बख्श, अब्दुल वशीर, चुन्ना खां, वाहिद आदि मौजूद रहे।
मानसिक रोगों के विकार जानें
चिंता, अवसाद, उलझन या घबराहट, भूलने की परेशानी, आत्महत्या के विचार आना, भूत-प्रेत, देवी-देवता की छाया का भ्रम होना, अपने आपसे बातें करना, कानों में आवाज सुनाई देना (शिजोफ्रेनिया), शक करना ,चक्कर आना, मिर्गी के दौरे आना आदि मानसिक बीमारियां हैं।