सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एसडीएम मोईन उल इस्लाम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लैब में रखी ऐनलाइजर मशीन खराब पड़ी मिली। मशीन के खराब होने से यूरिया, ब्लड शूगर, पीलिया जैसी महत्वपूर्ण जांचें भी नहीं हो पा रही है। यही हाल एक्स-रे मशीन का भी मिला। महीनों से एक्सरे रूम का ताला ही नहीं खुला, क्योंकि इसे चलाने बाला लैब टेक्नीशियन किसी मामले में जेल में बंद है।
दंत कक्ष में फिलिंग मैटीरियल नहीं होने के कारण मरीजों को आरसीटी की सुविधा नहीं मिल पाने की शिकायत सामने आई। लेबर रूम की स्थिति ठीकठाक तो मिली, लेकिन एसडीएम ने कहा कि उन्हें लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रहीं हैं कि यहां मरीजों से वसूली की जाती है। उनके साथ अच्छा बर्ताव भी नहीं किया जाता है। अस्पताल के आधा दर्जन कर्मचारी महीनों से नदारत मिले।
यासीन अख्तर तथा संविदा कर्मी भी अनुपस्थित हैं और रजिस्टर में इनकी गैरहाजिरी भी दर्ज है लेकिन एसडीएम के यह पूछने पर कि नियमत: इनकी रिपोर्ट सीएमओ को दी गई या नहीं, केंद्र प्रभारी कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कर्मचारियों को अपना आचरण सुधारने की हिदायत दी। अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों ने बताया कि उन्हें जांच कराने के लिए बाहर जाना पड़ता है। जिससे उन पर इलाज का खर्च बढ़ जाता है।
दवाएं भी ठीक से नहीं मिलती है। कमियां देखकर एसडीएम भी बोल पड़े कि बहुत सुधार की जरूरत है। इस दौरान केंद्र प्रभारी डॉ. आरके शुक्ला भी मौजूद रहे। एसडीएम का कहना है कि वे खामियों की पूरी रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपेंगे।