आटा। इटौरा मार्ग पर लगने वाला जाम अब स्कूली बच्चों और मरीजों के लिए खतरा साबित होने लगा है। आए दिन ट्रक खराब होने से घंटों जाम लगा रहता है। मंगलवार सुबह छह बजे आटा इटौरा मार्ग पर बीच सड़क पर डंपर खराब हो गया। इससे जाम लगने पर स्कूली वाहन भी फंस गए। जाम इतना लंबा लगा था कि पांच घंटे बाद खुला। जब तक स्कूल में बच्चे पहुंचते, तब तक लंच हो चुका था। पढ़ाई की जगह उन्हें लंच नसीब हुआ। कुछ बच्चे बीच रास्ते से ही लौट गए।
ओवरलोड वाहनों की आवाजाही इलाके के लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रही हैं। डंपर खराब होने से लगने वाले जाम में सिर्फ स्कूली बच्चे ही नहीं कई मरीज भी फंस गए, जो उरई दिखाने आ रहे थे। उन्हें भी मजबूरन निराश होकर दूसरे रास्ते से कई किलोमीटर दूर से गुजरना पड़ा। सुबह इटौरा की तरफ से आ रहे मौरंग लादे ओवरलोड डंपर की कमानी आटा के आंबेडकर स्कूल के पास जाकर टूट गई। कमानी सुधारने के लिए मिस्त्री पांच घंटे बाद आया। उसके बाद 11 बजे तक डंपर को सुधारा गया। तब तक जाम तीन किलोमीटर तक बढ़ गया। छोटे बड़े 200 से अधिक वाहन फंस गए। इस जाम में सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हुई। इसमें कुछ बच्चे घर लौट गए तो कुछ बच्चों के अभिभावक बाइक से उन्हें स्कूल छोड़ने गए। ताकि उनकी पढ़ाई में कोई खलल न पड़े।
घरों से मांगकर पीया पानी
जब जाम लगा तो आसपास कोई पानी का साधन नहीं था। हैंडपंप और पानी की दुकान जाम में फंसे राहगीर ढूंढते नजर आए। जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो उन्होंने आसपास के ग्रामीणों से पानी मांगकर पीया। कुछ लोगों ने सफर में चल रहे मुसाफिरों से पानी लिया।
एक साल से ग्रामीण झेल रहे जाम की समस्या
आटा इटौरा मार्ग पर जाम की समस्या और गड्ढों की परेशानी एक साल से ग्रामीण झेल रहे हैं। ये मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। इस मार्ग पर बाइक चलाना बहुत ही मुश्किल है। ग्रामीण भी इस मार्ग से बचकर कच्चे रास्ते या पांच से दस किलोमीटर दूर से उरई व कालपी जाते हैं। जैसे तैसे एंबुलेंस, स्कूली वाहन, किसानों के ट्रैक्टर इस मार्ग से गुजरते हैं तो उन्हें जाम से जूझना पड़ता है।
घंटो इंतजार के बाद घर लौटा छात्र
पिपरायां से बच्चों को लेकर उरई जा रही बस जाम में फंस गई। करीब दो घंटे के इंतजार करने के बाद जाम नहीं खुला तो बस में बैठे पांचवीं के छात्र अविनाश ने बस चालक को बोला अंकल पापा को फोन कर दो हम घर लौट जाएं, छात्र एक पानी की बोतल लिए था। जिसका पानी खत्म हो चुका था। उसको प्यास भी लग रही थी। जब उसके पापा उसे बाइक से लेने आए तो मायूस होकर छात्र बस से उतर गया और स्कूल न जाकर घर लौट गया।
अक्सर जाम में फंसती हमारी बस पढ़ाई होती है प्रभावित
कस्बा निवासी दसवीं की छात्रा श्रुति गुप्ता ने बताया कि इस रोड पर रोजाना जाम लग जाता है। जिससे उनकी बस भी फंस जाती है। मंगलवार को भी बस फंस गई। दूसरी बस आने में एक घंटा लगता है। जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है, एक घंटे के बाद जब दूसरी बस आई तब छात्रा स्कूली के लिए निकली।
आटा-इटौरा मार्ग पर ट्रैफिक ज्यादा होने से जाम लग रहा है। जल्द से जल्द जोल्हूपुर मोड़ का पुल चालू कराया जाएगा। जिससे इस मार्ग का ट्रैफिक कम हो सके।-हेमंत पटेल, एसडीएम