यहां गल्ला मंडी में जारी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास ने भागवत अवतरण का कारण बताया। कहा कि जब भी गाय, ब्राह्मण, संत और देव पुरुषों पर अत्याचार बढ़ते हैं, परमात्मा किसी न किसी रूप में अवतार लेकर इस धरा को पापों से मुक्त करता है। वहीं, उन्होंने परमात्मा के विभिन्न अवतारों की कथाएं सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि संतों, ब्राह्मणों और गो की सेवा करने पर पुण्य प्राप्त होता है।
गल्ला व्यापारी समिति की ओर से चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पं. राघवेंद्र मिश्र ने बताया कि कथा श्रवण से प्राणिमात्र के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और वह भगवान के श्रीधाम में वास करता है। कथा व्यास ने धुंधकारी की कथा सुनाई। कहा कि जब प्राणि के मन में यह भाव रहता है कि जो कुछ भी करना है, प्रभु के लिए ही करना है, तो परमात्मा उसे अपना बनाने में तनिक भी देर नहीं लगाते हैं।
शुकदेवजी महाराज ने बताया कि पांडवों पर भगवान ने कैसी कृपा की कि भगवान कृष्ण स्वयं अर्जुन के सारथी बने। महाराज युधिष्ठिर को अपना बड़ा भाई माना और उनकी हर आज्ञा का पालन करते थे। भगवान इतने दयालु हैं कि बिना बुलाए विदुर के घर पहुंच गए और विदुर रानी के प्रेमातिरेक में खिलाए गए केले के छिलकों को ही प्रेमपूर्वक ग्रहण कर
लिया। उन्होंने गंगावतरण की कथा का भी भावपूर्ण वर्णन किया। अंत में परीक्षित आनंद गुप्ता ने सपत्नीक भागवत जी की आरती उतारी, प्रसाद वितरित किया गया। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल, मंत्री ध्रुवप्रताप सिंह निरंजन, उपाध्यक्ष राममोहन रिछारिया, पिंकू गुप्ता, नवनीत गुप्ता, अखिलेश बबेले, राजीवकुमार निरंजन, हरीश तिवारी, विनोद दुवे लौना, आदेश गुप्ता, राहुत तिवारी आदि मौजूद रहे।