उरई। आरटीई का कुछ निजी स्कूल संचालक उल्लंघन कर रहे है। वह आरटीई के तहत चयनित बच्चों के अभिभावकों को तरह-तरह के आपत्तियां लगाकर वापस भेज रहे है। लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेकर बीएसए चंद्रप्रकाश ने नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे स्कूल संचालकों को चेतावनी दी है कि वह आरटीई के नियमों का पालन करें। ऐसा न करने पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में आरटीई के तहत अलग-अलग चार चरणों में ऑनलाइन लाटरी निकाली जा चुकी हैं। इसमें चयनित बच्चों को स्कूल आवंटित किए जा चुके है लेकिन कुछ स्कूल संचालक आरटीई के नियमों का पालन नहीं कर रहे है। वह बच्चों के दाखिले के लिए पहुंचने वाले अभिभावकों को तरह-तरह की आपत्तियां लगाकर परेशान कर रहे है। बीएसए ने बताया कि कुछ स्कूल संचालक अभिभावकों से अनावश्यक अभिलेख और दस्तावेजों की मांग कर रहे हैं।
चयनित बच्चों की पात्रता जांचने के लिए संबंधित अभिभावकों के घर का भी भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। निशुल्क शिक्षा के लिए आवंटन के बाद भी प्रवेश शुल्क, भवन शुल्क, आईडी कार्ड फीस, सिक्योरिटी शुल्क, वार्षिक शुल्क जैसे शुल्क के नाम पर अभिभावकों से धन की मांग की जा रही है।
कहा कि आवंटन सूची में नाम होने के बावजूद आपका नाम सूची में नहीं है, आपका प्रवेश नहीं लिया जा सकता है। आपका वार्ड और विद्यालय का वार्ड एक नहीं है, जैसे कारण बताकर प्रवेश में आनाकानी की जा रही है। कुछ स्कूल मांगी गई सूचनाएं देने में भी विलंब कर रहे है। उन्होंने बताया कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। यह आरटीई के प्रावधानों का उल्लंघन है और चयनित बच्चों को प्रवेश से गलत तरीके से वंचित किया जा रहा है। यह स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने ऐसे स्कूलों को विधिसम्मत कार्रवाई की चेतावनी दी है। दोषी पाए जाने पर ऐसे स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण और एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।