उरई। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए दूसरी चरण की लाटरी निकाल दी गई है। इस लाटरी में चुने गए बच्चों के अभिभावकों से कहा गया है कि वह अपने बच्चों का संबंधित विद्यालय में 17 अप्रैल तक दाखिला दिलाए।
आरटीई के अंतर्गत जिले में पंजीकृत 593 निजी विद्यालयों में कक्षा एक में प्रवेश के लिए कुल सीटों की संख्या की 25 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए आरक्षित है। इन सीटों पर चयन ऑनलाइन आवेदन करने के बाद ऑनलाइन लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। जिले में बच्चों को कांवेंट स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए चार चरणों में लाटरी प्रक्रिया निकाली जानी है। अब तक दो चरणों की लाटरी निकाली जा चुकी है। जिसमें पहले चरण की लाटरी में 1242 बच्चों ने आवेदन किया था। इसमें 1142 बच्चे पात्र पाए गए। जिसमें 727 बच्चों का चयन किया गया है। 551 बच्चों ने विभिन्न निजी स्कूलों में दाखिला भी ले लिया।
वहीं दूसरे चरण की लाटरी के लिए 1138 बच्चों ने आवेदन किया था। इसमें 1035 बच्चे पात्र पाए गए थे। जिसमें 596 की लाटरी निकाली। इस चरण के लिए दाखिले की अंतिम तिथि 17 अप्रैल है। बीएसए चंद्रप्रकाश ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि दूसरे चरण में चयनित सभी बच्चों को आवंटित स्कूलों में दाखिला दिलाना सुनिश्चित करें। जो स्कूल आरटीई के तहत एडमीशन में आनाकानी करें, उन स्कूलों की रिपोर्ट दें ताकि उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाए।
छूटे बच्चों के अभिभावकों से कर रहे संपर्क
आरटीई की नोडल अधिकारी श्यामजी गुप्ता ने बताया कि पहले चरण में 727 बच्चों की लाटरी निकली थी। इसमें 551 बच्चों का विभिन्न निजी स्कूलों में दाखिला दिया गया था। पहले चरण में 176 बच्चों ने अभी दाखिला नहीं लिया है। ऐसे बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया गया है, उन्हें अभी खेती किसानी के काम में व्यस्तता का हवाला दिया है। कुछ बच्चों के अभिभावकों से शिक्षा विभाग की टीम जाकर संपर्क कर रही है। सभी पात्रों को आरटीई योजना का लाभ दिलाया जाएगा।