उरई-जालौन मार्ग पर कुकरगांव के नाला पर बनाए गए वैकल्पिक रपटा पुल पर
सोमवार को दो ट्रक खराब हो गए जिसकी वजह से यातायात ठप हो गया। देखते ही
देखते जाम लग गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम में
राहगीर
तो परेशान हुए ही सबसे अधिक परेशानी परीक्षार्थियों को हुई। पैदल ही पुल
पार करके परीक्षार्थी बमुश्किल परीक्षा सेंटर तक पहुंच पाए। तकरीवन छह घंटे
तक लगे रहे जाम को लेकर प्रशासन जरा भी गंभीर नजर नहीं आया। कुकरगांव
मलंगा नाले पर पुल का निर्माण चल रहा है। यातायात व्यवस्था प्रभआवित न हो
इसके लिए वहां पर वैकल्पिक तौर पर रपटा पुल बनाया गया। इसी से छोटे वाहन से
लेकर भारी वाहन गुजर रहे है। रपटा पुल पर ओवर लोड ट्रक अक्सर ही
खराब हो
जाते है जिससे वहां पर जाम लग जाता है। सोमवार को सुबह 6 बजे के आसपास रपटा
पुल पर एक ओवरलोड ट्रक खराब हो गया। विपरीत दिशा से आ रहा एक और ट्रक और
खराब हो गया। दो ट्रक के रपटा पुल पर खराब हो जाने से
यातायात ठप हो गया।
एक भी बड़ा वाहन पास नहीं हो पाया, जिससे वहां पर जाम लग गया। देखते देखते
ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगती चली गई। इस बीच में कुछेक दो पहिया
वाहन निकलते रहे लेकिन इसके बाद से एक भी
वाहन नहीं निकल पाया। जाम में
फंसे राहगीर खासे परेशान हुए। सबसे ज्यादा परेशानी परीक्षार्थियों को हुई
जो जालौन और उरई की तरफ के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने जा रहे थे।
जाम से जब वह नहीं निकल पाए तो पैदल ही आगे बढ़े और फिर
किसी तरह परीक्षा
केंद्रों पर पहुंचे। सुबह 6 बजे से लगा जाम सुबह 11 बजे तक लगा रहा। इस बीच
यातायात प्रशासन का कोई भी अधिकारी सिपाही मौके पर नहीं पहुंचा। यहां पर
अक्सर ही जाम लग जाता है जिससे लोंगो परेशानी हो रही है लेकिन जाम को रोकने
के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
रुके ओवरलोडिंग तो बने बात
रपटा
पुल की खराब सड़क या तो अच्छी बनवाई जाए या फिर ओवरलोड वाहनों के प्रवेश
पर रोक लगाई झाए तभी जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। जाम में फंसे
रोहित का कहना था प्रशआसन को इस ओर संख्त कदम उठाने होंगे
तभी समस्या का
समाधान होगा। कुकरगांव निवासी राजू का कहना है कि रपटा पुल की सड़क खराब है
ऊपर से क्षमता से अधिक भार लेकर वाहन निकल रहे जिससे वह हिचकोले खाते हुए
अक्सर यहां पर खराव हो जाते है और फिर जाम के झाम से सभी को जूझना पड़ता
है।