कालपी (जालौन)। पुराने यमुना पुल की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रूट डायवर्जन व्यवस्था पहले ही दिन फेल हो गई। एक ही दिशा में वाहनों के आने-जाने से जोल्हूपुर से चौरा बाजार आठ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसमें रातभर छोटे-बड़े हजारों वाहनों के अलावा एंबुलेंस, रोडवेज बसें भी फंसी रहीं। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को देर रात पुराने पुल को अस्थायी रूप से दोबारा खोलना पड़ा। शनिवार की सुबह तक हालात सामान्य हो सके।
नई व्यवस्था के तहत शुक्रवार दोपहर भारी वाहनों की आवाजाही पुराने पुल से बंद कर उन्हें नए यमुना पुल की ओर मोड़ा गया था। इसके लिए दुर्गा मंदिर के पास डिवाइडर काटकर नया ट्रैफिक रूट तैयार किया गया। शुरुआती कुछ घंटों तक यातायात सामान्य रहा, लेकिन शाम होते-होते भारी वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ गया और व्यवस्था चरमरा गई।
रात होते-होते जोल्हूपुर से चौरा बाजार तक ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों की आठ किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। एक ही पुल से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक गुजरने के कारण जाम की स्थिति विकराल हो गई। छोटे वाहन भी जाम में फंस गए और लोगों को भीषण गर्मी व उसम के बीच घंटों परेशान होना पड़ा। कई वाहन चालक पूरी रात हाईवे पर फंसे रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 11 बजे के बाद हालात और बिगड़ गए। चौरा बाजार, जोल्हूपुर और पुल के आसपास पूरा इलाका जाम की गिरफ्त में आ गया। ट्रकों की लंबी लाइन के चलते छोटे वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया।
स्थिति बेकाबू देख पुलिस ने अस्थायी रूप से पुराने पुल से भी भारी वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। इसके बाद धीरे-धीरे जाम खुलना शुरू हुआ और शनिवार सुबह तक यातायात सामान्य हो सका। हालांकि सुबह होते ही एनएचएआई ने फिर से पुराने पुल से भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी और डायवर्जन व्यवस्था लागू कर दी।
दिनभर हाईवे पर रेंगते रहे वाहन
शनिवार को भी पूरे दिन हाईवे पर यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त बनी रही। जगह-जगह वाहन रुक-रुक कर चलते रहे। अव्यवस्थित डायवर्जन और भारी वाहनों के दबाव के कारण हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। शनिवार सुबह कानपुर की ओर से आ रहा एक चार पहिया वाहन ट्रक की चपेट में आ गया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति संभाल ली और बड़ा हादसा बच गया।
पुराने यमुना पुल में आई तकनीकी खामी को गंभीरता से लिया गया है। पुल की मरम्मत के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही रोकना जरूरी है, अन्यथा पुल की स्थिति और खराब हो सकती है। अगले दो माह तक भारी वाहनों का संचालन नए पुल से ही कराया जाएगा। इससे कुछ दिक्कतें जरूर होंगी, लेकिन आम जनता और वाहन चालकों को सहयोग करना होगा।
उत्तम सिंह, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई।