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सरकार की वादाखिलाफी पर गरजे कर्मचारी

Thu, 11 Aug 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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धरने को संबोधित करते कर्मचारी नेता। - फोटो : अमर उजाला
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उरई (जालौन)। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर एकजुट हुए राज्य कर्मचारी गुरुवार को महाहड़ताल के दूसरे दिन प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे। इस दौरान उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। इसका परिणाम सरकार को भुगतना होगा। अब किसी भी हालत में कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरे दिन की महाहड़ताल में बड़ी संख्या में राज्य कर्मचारी शामिल हुए। महाहड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को विकास भवन में आयोजित धरने में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राम प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की हर योजना का पात्रों तक लाभ पहुंचाने में कर्मचारी सबसे बड़ी भूमिका अदा करता है और जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम करता है। इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। सरकार ने जिन मांगो पर सहमति दे दी थी उसके लिए भी शासनादेश जारी नहीं किया गया। सरकार वादाखिलाफी कर रही है। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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कर्मचारियों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग परिषद की ओर से लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। कर्मचारी नेता अंजनी श्रीवास्तव ने कहा कि राजकीय क्षेत्र में काम करने वाले रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका, पीआरडी,  होमगार्डस, रसोइयां कंप्यूटर आपरेटर समेत अन्य कर्मी जो संविदा पर काम कर रहे है उनका मानदेय 18 हजार प्रतिमाह किया जाए। अंगद सिंह कछवाह ने कहा कि राज्य कर्मियों को 300 दिन के अर्जित अवकाश के स्थान पर 600 दिन का उपार्जित अवकाश की सुविधा देकर नकदी करण की सुविधा दी जाए। अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है जिस पर तत्काल प्रभाव से लगाम लगनी चाहिए। जिला कोआर्डिनेटर कुलदीप थापक ने आउट सोर्सिंग, ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाए जाने की जरूरत बताई। इस मौके पर रेखा जाटव, प्रवेश यादव, कपिल ओझा, संदीप श्रीवास्तव, रामसिंह प्रजापति, उद्यम बाबू यादव,  पुष्पेंद्र त्रिपाठी, शील कुमार दूरबार, अब्दुल हमीद, रमेश फौजी आदि मौजूद रहे।
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