केंद्रीय श्रम संगठनों औद्योगिक फेडरेशन व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर देशव्यापी महा हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। शुक्रवार को बैंक, डाकघर से लेकर एलआईसी दफ्तर समेत अन्य कार्यालयों में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ और काम के लिए पब्लिक को परेशान होना पड़ा। ये बात दीगर है कि
हड़ताल की सूचना पहले ही दे दी गई थी। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया और कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार उनके हकों पर कुठाराघात कर रही है। न्यूनतम वेतनमान कानून में संशोधन की मांग पर भी कोई विचार नहीं हुआ। सरकार की नीतियां श्रम विरोधी हैं। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ एवं
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले प्रधान डाकघर उरई में प्रदर्शन हुआ। जिले के सभी 25 डाकघर बंद रहे। इस दौरान संगठन के सहायक मंडलीय सचिव संजीव कुमार अग्निहोत्री ने कहा कि सातवें वेतन आयोग में जो वेतन व भत्तों की विसंगतियां थीं, उन्हें दूर किया जाना चाहिए। लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की जो मांग
थी, उसक ो भी सरकार अनदेखा कर रही है। ग्रामीण डाक सेवकों को पूर्ण नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन स्केल एवं भत्ते देने की मांग होती रही, लेकिन सरकार चुप है। इससे प्रांतीय महा हड़ताल करनी पड़ी। इस दौरान अशोक कुमार स्वर्णकार, शिवाधर यादव, प्रकाश वर्मा, मानसिंह यादव, सुलेखा, हरीराम ओमरे, राजेश वर्मा, कुमारी प्रियंका, मधुकर
उपाध्याय, रोहित पटेल, हैदर अली, अनिल सिंह आदि मौजूद रहे। डाककर्मियों को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का भी समर्थन मिला। अध्यक्ष रामप्रसाद श्रीवास्तव, हरीश कुमार राठौर ने कहा कि कर्मचरियों के हित में परिषद संघर्ष को तैयार हैं। कानपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंपलाइज एसोसिएशन के बैनर तले भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय पर प्रदर्शन
हुआ। बीमा कर्मचारियों ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और कहा कि श्रम विरोधी नीतियों में सरकार को परिवर्तन करना ही पड़ेगा। संगठन के अध्यक्ष अफसर अहमद खां ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी 18000 मासिक होनी चाहिए। मजदूरों व कर्मचारियों का शोषण होगा तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। अशोक गौतम, राधा कृष्ण गुप्ता, श्याम सुंदर, मैराज
अहमद, केके यादव, प्रेमानंद, सुशील, अमित, रामकुमार, शंकर सहाय, श्रीराम बघेल, लालता प्रसाद आदि मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेंजेटेटिव्स एसोसिएशन की ओर से सरकार की नीतियों के खिलाफ में दवा प्रतिनिधियों ने शहर में जुलूस निकाला। टाउन से शुरू हुआ जुलूस शहीद भगत सिंह चौराहा, अंबेडकर चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा।
यहां पर सिटी मजिस्ट्रेट को मांग पत्र सौंपा गया। इस दौरान प्रांतीय संयुक्त सचिव प्रताप यादव ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय दवा उद्योग को विदेशी कंपनियों के हवाले करने पर आमादा है। इससे दवाओं की कीमतों में बढ़ोत्तरी तय है। इस दौरान राकेश शुक्ला, रतनदीप मिश्रा, सीएल प्रजापति, संजय यादव, ब्रजेंद्र, आरिफ, मनोज, अतुल पाठक, प्रमोद,
मोहित, रविकांत, नृपेंद्र, राहुल, प्रदीप पटेल आदि मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष जगदीश नारायण तिवारी की अध्यक्षता में नहर विभाग में प्रदर्शन हुआ। यहां मांग की गई कि जायज मांगों को सरकार अनदेखा न करे। इस दौरान भगवानदास प्रजापति, हाजी शमशुल हसन, रामबाबू, सौरभ गुप्ता, संजीव साहनी, प्रदीप गौड़, संतोष शर्मा, अरविंद वर्मा, साधना सिंह, राजकुमारी, संजय आदि रहे। आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियंस के बैनर तले श्रम विभाग कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार पर श्रम विरोधी नीतियों के तहत काम करने का आरोप लगाया गया। लाल झंडा लेकर संगठन के पदाधिकारी जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कहा गया कि अब मजदूरों पर जोर और जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर मजदूर के लिए श्रम विभाग के कानून का कड़ाई से पालन हो और उन्हें उनका अधिकार व हक मिले। कामरेड कैलाश पाठक, कामरेड रामसिंह चौधरी, इदरीश, रामबाबू, रामदेव सिंह, प्रहृलाद, राजीव कुशवाहा आदि मौजूद रहे। जालौन प्रतिनिधि के अनुसार कानपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन, अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ, नेशनल फेडरेशन डाक कर्मचारी संघ, फेडरेशन ऑफ नेशनल ऑर्गनाइजेशन संघ द्वारा वेतन विसंगतियों को लेकर स्थानीय स्तर पर हड़ताल की गई। कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल सरकार की मजदूर विरोधी नीतियाें, कर्मचारियों का उत्पीड़न किए जाने के खिलाफ है। कहा कि कर्मचारियों की मांगों को न माना गया तो और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर एलआईसी की स्थानीय शाखा के अफसार अहमद खान, राधाकृष्ण गुप्ता, श्याम सुंदर, मेराज अहमद, अशोक गौतम, केके यादव, प्रेमानंद, डाक सहायक शफकत उल्ला, विनीत कुमार, रोहित मिश्रा, श्रीराम बघेल आदि उपस्थित रहे।