उरई। बरसात होने से कच्ची सड़क पर होने वाली दुश्वारियों और खस्ताहाल सड़कों से बचने के लिए लंबा फेर होने की तकलीफ से जल्द ही दर्जनों गांवों के लोगों को छुटकारा मिल जाएगा।
इन सड़कों के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। विभाग के खाते में बजट आते ही काम शुरू हो जाएगा। कोशिश रहेगी चुनाव से पहले तक इन सड़कों का निर्माण करा दिया जाए।
डकोर और उरई तहसील के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर यह काम होना है। सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने क्षेत्र की तीन सड़कों के लिए बजट मांगा था। विधायक ने बताया कि डकोर ब्लॉक के कुसमिलिया से चिल्ली जाने वाला 1.5 किलोमीटर संपर्क मार्ग, बरसार कमठा से सिकरी व्यास 3.77 किलोमीटर संपर्क मार्ग व उरई जालौन रोड स्थित नहर पटरी 2.5 किलोमीटर संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाना है। शासन ने 4.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
कुसमिलिया से चिल्ली जाने वाले मार्ग की लंबाई मात्र 1.5 किलोमीटर है, इसके बनने से कई ग्रामीणों का करीब सात मिलोमीटर तक रास्ते का फेर बच जाएगा। पहले मुहम्मदाबाद, गुढ़ा, कुसमिलिया, बंधौली, सिमिरिया व ऐरी रामपुरा आदि गांवों के लोगों को हाईवे से होकर करीब 12 किलोमीटर तक का रास्ता तय करना पड़ता था। अब चिल्ली पहुंचने के लिए उन्हें सिर्फ पांच किलोमीटर चलना होगा।
बरसार-सिकरी 3.7 किलोमीटर मार्ग बनने से सड़क पर होने वाले जलभराव से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। यह सड़क 2.40 करोड़ में बनेगी। अभी सिकरी से कमठा आने वाले किसानों को इस खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होने पर दुश्वारियां बढ़ जाती हैं। सड़क बन जाएगी तो सिकरी, कमठा व बरसार आदि गांवों के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
शहर से होते हुए करसान जाने के लिए नहर वाले रास्ते से लोगों को कच्चे रास्ते से आना पड़ता था। जल्द ही 2.50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के बन जाने से लोगों को अब चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस मार्ग की मदद से लोगों को आसनी से गांव तक पहुंचने में मदद मिलेगी।