सरावन (जालौन)। खितौली गांव में अन्ना जानवरों को प्राथमिक विद्यालय में बंद करने के मामले में पुलिस ने 26 किसानों पर एफआईआर दर्ज कर चार किसानों की गिरफ्तारी भी की है। इससे क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि एक तो हम अन्ना जनावरों से परेशान है वहीं अगर इस समस्या को लेकर आवाज उठाओ तो पुलिस कार्रवाई करती है। एफआईआर के विरोध में क्षेत्र के किसानों ने बैठक कर विरोध जताया, किसानों का कहना है कि मामले को लेकर जल्द ही डीएम व सीएम को ज्ञापन भी दिया जाएगा।
बता दें कि सोमवार को ग्राम पंचायत के मजरा खितौली में किसानों ने अन्ना जानवरों को प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने मामले में 26 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें 4 किसानों को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के बाद क्षेत्रीय किसानों मे रोष व्याप्त हैं। क्षेत्र के किसानों ने बैठक कर मुकदमे का विरोध जताते हुए आंदोलन की रणनीति बनाई। किसान अशोक सिंह, करन सिंह, राजकुमार आदि किसानों का कहना है कि प्रशासन की दमनकारी नीति से किसान परेशान है।
जिस प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा रखते थे, वह प्रशासन भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ गया है और अगर इसके विरोध में आवाज उठाई जाए तो उसे कुचल दिया जाता है। यह घटना तानाशाही रवैया दर्शाती है। खरीफ की फसल की बर्बादी के बाद किसानों को रवि फसल से उम्मीदें है। ऐसे में अन्ना जानवर रबी की फसल को भी नष्ट कर रहे है। वहीं जिला प्रशासन सिर्फ कोरे आश्वासन दे रहा है।
भ्रष्टाचार का आलम यह है कि कई बार चेतावनी के बाद भी क्षेत्र में गोशाला का निर्माण अब तक नहीं कराया गया। किसान करन सिंह कुशवाहा खितौली का कहना है कि बजट के बंदर बाट की वजह से गोशालाएं अधूरी पड़ी है, ऐसे में अन्ना जानवरों को कहा ले जाया जाए। बैठक के बाद किसानों ने सर्वसम्मति से तय किया कि मामले को लेकर डीएम व सीएम को ज्ञापन दिया जाएगा।