जिला स्वास्थ्य समिति की सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकारा। कहा कि जब बाहर से दवा खरीदना पड़ेगी तो लोग सरकारी अस्पताल क्यों आएंगे। बाहर की दवा पर रोक लगाने के साथ जननी सुरक्षा योजना में भुगतान की प्रगति सुधारने के निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य योजनाओं में प्रगति रिपोर्ट संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने कहा कि
लापरवाह एएनएम व आशा कार्यकत्री के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक काम नहीं होगा। पंजीयन रिपोर्ट भी संतोष जनक नहीं मिली। बैठक में कहा गया कि अस्पताल में महिलाओं के प्रसव को घरेलू प्रसव दिखा देने की रिपोर्ट भी उन्हें मिल रही है। इसके अलावा कई केंद्रों पर भुगतान के मामले बड़ी संख्या में लंबित हैं। भुगतान की समस्या का समाधान कराएं। दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के
लिए सीएमओ को निर्देश दिए। फीडिंग कार्य में लापरवाही बरतने वाले कंप्यूटर आपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी कहा। अफसरों से कहा कि लापरवाह स्टाफ की रिपोर्ट सीएमओ को दें। सीएचसी व
पीएचसी में आपूर्ति को लेकर ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसे ठेकेदार का अनुबंध तत्काल खत्म किया जाए। इस मौके पर सीएमओ डा. अशोक कुमार, डा. बीएम खेर, डा. धर्मेंद्र. डा, सुग्रीव बाबू, डा. सुनीता बनौधा आदि मौजूद रहीं।