उरई। जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम राजेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई। डीएम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरसीएच और एचएमआईएस पोर्टल पर लंबित डाटा को वर्क प्लान के अनुसार अपडेट किया जाए। उन्होंने लंबे समय से एक ही स्वास्थ्य इकाई में जमे चिकित्सकों का तबादला कर काम करने वालों को तैनात करने के निर्देश दिए।
एचआरपी कार्यक्रम की समीक्षा में छिरिया, कदौरा, बाबई व उरई अर्बन क्षेत्र के बघौरा, तुफैलपुरवा में प्रगति कम मिलने पर डीएम ने फटकार लगाई। कहा कि इन क्षेत्रों में आगामी माह के लक्ष्य के सापेक्ष ही नहीं, बल्कि राज्य औसत से भी अधिक प्रगति सुनिश्चित की जाए। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में डकोर, पिंडारी, नदीगांव, माधौगढ़, छिरिया, बाबई और कदौरा ब्लॉकों की भौतिक प्रगति सबसे कम पाई गई।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को प्रसव इकाई के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। डीएम ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण व परिवार कल्याण कार्यक्रमों की धीमी प्रगति फटकार लगाई। निर्देश दिए सभी डॉक्टर ओपीडी प्रदर्शन और लैब परीक्षणों की प्रगति रिपोर्ट में सुधार सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी ब्लॉकों से प्रत्येक माह न्यूनतम 25 अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर जिला चिकित्सालय स्थित एनआरसी में भर्ती कराया जाए।