आटा। जौराखेरा गांव में युवक की मौत के मामले में पत्नी की तहरीर पर ग्राम प्रधान के भाई समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
युवक के सिर पर रॉड से हमला किया गया था। विवाद पहले शराब को लेकर और फिर ट्रैक्टर से बाइक में रगड़ लगने से हुआ था। ग्वालियर में इलाज के दौरान युवक की चार दिन बाद मौत हो गई थी। छह आरोपियों को हिरासत में लिया है।
आटा थाना क्षेत्र के जौराखेरा गांव के रहने वालीं ऊषा देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीते रविवार सुबह गांव के ही प्रधान के भाई दिलीप राजपूत उसके पति मान सिंह को बुलाने आया था।
पूछने पर उसने बताया कि पूरा चुकता करना है और चला गया। आरोप है कि दिलीप के साथ गांव के ही मनोज राजपूत, चूरामन श्रीवास, ओमकार अहिरवार, देवी सिंह अहिरवार, हरगोविंद अहिरवार और बंटू ने नलकूप के पास निर्माणाधीन भवन में जबरन मानसिंह को शराब पिलाई। जब उसने मना किया तो उसको पीटा। वह किसी तरह ट्रैक्टर स्टार्ट कर जाने लगा तो बाइक से रगड़ लग गई। इस पर इन लोगों ने उसे खूब पीटा और रॉड सिर पर मार दी। जब जानकारी हुई तो फिर बेटे मनीष को मौके पर भेजा। हालत गंभीर थी, अस्पताल लाए तो वहां से रेफर कर दिया। गुरुवर की शाम इलाज के दौरान मानसिंह ने दम तोड़ दिया।
एसओ अर्जुन सिंह ने बताया कि सातों के खिलाफ धारा 304 गैरइरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज की है। छह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मानसिंह दिल्ली में मजदूरी करता था। दीपावली पर ही घर आया था। त्योहार के बाद उसे फिर काम पर जाना था। इस बार उसने भोपाल की एक स्टील की फैक्टरी में अपने भांजे के माध्यम से बात कर ली थी। भांजे संतोष ने बताया कि वह वहीं पर एक पद पर नियुक्त है। मानसिंह के घर की हालत ठीक नहीं है और बड़ी बेटी मोनिका की भी शादी करनी है। एक रिश्ता देखा था, जहां बात चल रही थी। इस घटना से पत्नी, बेटी और बेटों मनोज व मनीष का बुरा हाल है।
मानसिंह के भांजे संतोष ने बताया कि आरोपी दिलीप ढाई महीने पहले हुई बहस को नहीं भुला पा रहा था। उसी मामले में चुकता करने की बात कहकर वह मानसिंह को अपने साथ ले गया था। इसी वजह से लग रहा है कि दिलीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर छोटी सी बात पर मामा मानसिंह की हत्या कर दी।
जौराखेरा में मौत मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में थाना स्तर पर जांच की जा रही है। -देवेंद्र पचौरी, सीओ कालपी