उरई। शहर को जाम की समस्या से स्थायी रूप से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार ने मंगलवार को शहर कोतवाली में प्रमुख व्यापारियों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए आठ दिन का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में वे स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर इसे हटाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि सड़कों पर ठेले, खुमचे और अस्थायी अतिक्रमण के कारण शहर में जाम की स्थिति बन जा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए वेंडिंग जोन निर्धारित किए गए हैं, ताकि छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित ढंग से रोजगार मिल सके और यातायात प्रभावित न हो। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे स्वयं फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण को भी हटा लें। इससे पैदल चलने वाले नागरिकों को सुविधा हो। चेतावनी दी गई कि आठ दिनों के भीतर अतिक्रमण न हटने पर नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस, राजस्व विभाग, पीडब्लूडी और नगर पालिका की संयुक्त टीम अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू करेगी।
बैठक में व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को इन सुझावों की समीक्षा कर यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। वर्तमान में अस्थायी रूप से बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने प्रशासन के इस अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि शहर को जाम से मुक्त कराना समय की मांग है। उन्होंने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे अन्य दुकानदारों और व्यापारियों को भी जागरूक करेंगे। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, सीओ सिटी अर्चना सिंह, तथा व्यापारी दिलीप सेठ, संतोष गुप्ता, अरुण त्रिपाठी भी मौजूद रहे।