उरई। रेलवे बोर्ड ने इंदौर से बनारस के बीच चलने वाली महाकाल एक्सप्रेस के उरई में स्टापेज को 22 अप्रैल को ही संस्तुति दे दी है। लेकिन सांसद की हरी झंडी दिखाने के चलते ट्रेन का स्टापेज सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। इसके चलते यात्री परेशान हैं, जो सावन माह में उज्जैन में महाकाल और बनारस में विश्वनाथ के दर्शन करना जाना चाहते हैं।
बनारस से इंदौर के बीच चलने वाली महाकाल एक्सप्रेस नंबर 20413-14 का उरई में स्टापेज नहीं है। इस ट्रेन के स्टापेज की मांग को लेकर लोग कई बार स्टेशन पर आने वाले रेल अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं और जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह कर चुके हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक कोचिंग विवेक कुमार सिन्हा ने 22 अप्रैल के आदेश में उरई रेलवे स्टेशन पर महाकाल एक्सप्रेस को रोकने की संस्तुति दे दी थी।
करीब ढाई माह बीतने के बात भी इस ट्रेन का उरई में स्टापेज नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि सांसद नारायणदास अहिरवार को हरी झंडी दिखाकर ट्रेन के स्टापेज को शुरू कराना है लेकिन अभी तक सांसद की ओर से समय नहीं मिला है।
मां को लेकर महाकाल व काशी विश्वनाथ जाना है
स्टेशन रोड निवासी मनोज कुमार मिश्रा का कहना है कि उन्हें अपनी माताजी के साथ महाकाल और विश्वनाथ के दर्शन को जाना है। यह सीधी रेल सेवा है, लेकिन इसका उरई में स्टापेज न होने के कारण परेशानी हो रही है। अगर सावन मास में इस ट्रेन का उरई में स्टापेज हो जाता है तो वह दर्शन को चले जाएंगे।
व्यापारिक काम से इंदौर जाने में सहूलियत मिलेगी
पाठकपुरा निवासी अशोक त्रिपाठी का कहना है कि यह ट्रेन मंगलवार और गुरुवार को बनारस से इंदौर जाती है। जबकि इंदौर से बनारस के लिए बुधवार और शुक्रवार को संचालित होती है। व्यापारिक काम के सिलसिले में इंदौर जाने में सहूलियत रहेगी।
वर्जन
रेलवे की ओर से इस बाबत उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। अगर पत्र आता है तो तत्काल वह हरी झंडी दिखाने का काम कर देंगे। -नारायणदास अहिरवार, सांसद जालौन गरौठा भोगनीपुर
वर्जन
महाकाल एक्सप्रेस का उरई में स्टापेज शुरू कराया जाना है। सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। अगले हफ्ते से महाकाल उरई में रुकने लगेगी। -अमन वर्मा, सीनियर डीसीएम झांसी मंडल