जालौन में खनन से कम राजस्व मिलने पर जांच कराई गई थी। इसमें पाया गया कि वहां अवैध खनन ज्यादा हो रहा था। खनन अधिकारी ने जिला सर्वे रिपोर्ट के तहत माइनिंग क्षेत्रों की अभी तक नीलामी नहीं करवाई थी। सिर्फ 20-25 पट्टे ही प्रारंभ कराए। मौजूदा पट्टाधारकों को ज्यादा रेट दिलवाने के लिए ऐसा किया जा रहा था। इससे जहां राजस्व की हानि हुई, वहीं आम लोगों को महंगा मौरंग खरीदना पड़ रहा था।
इस पर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने जालौन के खनन अधिकारी राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने का प्रस्ताव प्रमुख सचिव, खनन हिमांशु कुमार को भेज दिया है। डॉ. जैकब ने 21 मई को फतेहपुर में खनन क्षेत्रों के निरीक्षण में भी यमुना को पाटकर माइनिंग में मनमानी पकड़ी थी। खनन क्षेत्र में सीमा स्तंभ नहीं लगे थे। नौ पोकलैंड मशीनों से खनन क्षेत्र के बाहर भी खनन किया जा रहा था।
इस पर फतेहपुर के खनन अधिकारी सौरभ गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है। निदेशक ने अभी तक हुए अवैध खनन पर रॉयल्टी वसूलने और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र की शर्तों के उल्लंघन के कारण खनन कार्य प्रतिबंधित किए जाने की सिफारिश भी की है। फतेहपुर के जिलाधिकारी को भी कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजने के लिए कहा गया है।