उरई। वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ी राहत देते हुए आयु सत्यापन संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब शहरी क्षेत्रों में ऐसे बुजुर्ग, जिनके पास हाईस्कूल प्रमाणपत्र या परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं है, वे अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर भी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
समाज कल्याण अनुभाग-2 की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के आवेदन, स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नए प्रावधान लागू किए गए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड में अंकित जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं किया जाएगा।
इसके स्थान पर अब राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज आयु सत्यापन के लिए मान्य होंगे। हालांकि इसके लिए आवेदक को निर्धारित प्रारूप पर स्वघोषणा पत्र देना होगा कि उसके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र और परिवार/कुटुंब रजिस्टर उपलब्ध नहीं है।
शासनादेश के अनुसार यह व्यवस्था केवल नगर एवं शहरी क्षेत्रों के आवेदकों के लिए लागू होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व व्यवस्था के अनुसार परिवार रजिस्टर को ही आधार माना जाएगा।
शासन ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश जारी कर तत्काल प्रभाव से नए नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से शहरी क्षेत्रों के हजारों बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिलने में आसानी होगी।