-राम के गले में वरमाला डालने जाती सीता।
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पं. घनाराम हरीराम महाविद्यालय के प्रबंधक कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज की ओर से ‘कक्का की याद में’ तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसका शुक्रवार देर रात कोंच की ऐतिहासिक रामलीला के मंचन से समापन हुआ।कार्यक्रम का समापन बीती रात धनुष यज्ञ लीला के मंचन से हुआ। लीला में
जनक द्वारा अपने प्रण की घोषणा करना, रावण-वाणासुर के बीच तीखे संवाद और विभिन्न देशों से आए राजाओं द्वारा धनुष न तोड़ने, राम व लक्ष्मण आदि कलाकारों के अभिनय सराहनीय रहे। हास्य कलाकार ने दर्शकों को खूब हंसाया। अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि दरिद्र नारायण सेवा समिति के संयोजक कढ़ोरेलाल यादव,
विशिष्ट अतिथि पुरुषोत्तमदास रिछारिया, रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री पंचम पटेल, नवलकिशोर रामलीला समिति के अध्यक्ष शशांक श्रीवास्तव, क्रय विक्रय समिति के
अध्यक्ष हरिश्चंद्र तिवारी मंचस्थ रहे। संचालन डॉ. मृदुल दांतरे ने किया। रामलीला का शुभारंभ कृपाशंकर द्विवेदी, हरीशंकर द्विवेदी, रामशंकर द्विवेदी, सूर्य कुमार त्रिपाठी, अल्लू दीक्षित, परशुराम, महेंद्र आदि ने राम-लक्ष्मण की मूर्तियों की आरती उतार कर किया। अतिथियों को अंगवस्र ओढ़ाकर एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।