उरई। कोंच की सांस्कृतिक धरोहर ऐतिहासिक रामलीला में पुष्प वाटिका और जनक
बाजार लीला का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर देखने अपने गुरु विश्वामित्र के
साथ जनकपुर पहुंचे। दशरथि राम और लक्ष्मण गुरु की आज्ञा पाकर जनकपुर भ्रमण
पर निकलते हैं। बाजार में बैठे दुकानदार और व्यवसायी उनकी मोहिनी छवि
देखकर उनसे बात करने को आतुर हो उठते हैं। उन्हें रिझाने के लिए अपनी
वाणिज्यिक वस्तुओं की बड़ाई करने लगते हैं। जनकपुर की महिलाएं और बालाएं भी
उन दोनों की एक झलक पाने को आतुर दिखती हैं। बाद में गौरी पूजन के लिए आई
जनकनंदिनी सीता और राम का पुष्प वाटिका में चक्षु मिलन होता है। इस दौरान
रामलीला ग्राउण्ड दर्शकों से खचाखच भरा था।
विश्वामित्र की भूमिका में
संतोष त्रिपाठी, पंडों की भूमिका में गोविंदशरण मिश्रा, आनंद पांडे, निर्भय
यादव, मुकेश सोनी, बुद्घसिंह बुंदेला, गल्ला व्यापारी केशव बबेले, अहिल्या
अतुल शर्मा, जनक राजेन्द्र भारद्वाज, अन्य दुकानदारों की भूमिकाएं पवन
अग्रवाल, गौरीशंकर झा, नीरज अग्रवाल सीते, शुभ सोनी, ध्रुव सोनी, आशुतोष
रावत, ऋषि झा, कालजीत श्रीवास्तव, हिमांशु राठौर, मिरकू महाराज, शिवकुमार,
धर्मेन्द्र, अवधेश यादव तथा हास्य कलाकारों में उज्ज्वल अग्रवाल, अभिषेक
रिछारिया, मृदुल दांतरे, दीपू सोनी आदि ने अपनी प्रस्तुतियां से सबका मन
मोह लिया।