उरई। चर्चित जावित्री मामले में नया मोड़ आ गया है। रज्जो देवी ने उसे अपनी बेटी मानने से इनकार कर दिया है। रज्जो का कहना है कि पुलिस का दावा है कि जावित्री उसकी बेटी है, लेकिन अभी तक उससे सामना नहीं कराया है। रज्जो ने सीओ कालपी पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। वहीं सीओ आरपी सिंह का कहना है कि रज्जो के आरोप निराधार हैं। पुलिस अपना काम कर रही है।
12 साल पहले कालपी की जावित्री पुत्री रज्जो के जिंदा होने का मामला दो दिन पहले सामने आया था। इस मामले में नगर पालिका के तत्कालीन जेई समेत 10 लोगों को अपहरण व हत्या का आरोपी बनाया गया था। दो दिन से जावित्री जनपद के कालपी, आटा और महिला थाने के चक्कर काट रही है। गुरुवार को जावित्री की मां रज्जो ने उसे अपनी बेटी मानने से इनकार कर दिया। रज्जो का कहना है कि बेटी कालपी में नल से पानी भरते समय गायब हुई थी। पुलिस बता रही है कि वह दिल्ली में धार्मिक समारोह से गायब हुई थी। युवती बार-बार अपना नाम भी बदल रही है। अलीगढ़ में वह अपना नाम रेशमा और यहां जावित्री बता रही है। अभी तक पुलिस ने युवती का सामना भी नहीं कराया है। यह पुलिस की साजिश है। पुलिस ने फर्जी लड़की को जावित्री बनाकर पेश किया है। रज्जो का कहना है कि बेटी का अपहरण हुआ था। तब इन्हीं सीओ की कालपी कोतवाली में बतौर एसआई तैनाती थी।
वहीं सीओ का कहना है कि जावित्री और रज्जो दोनों की बात सुनी जाएगी। इससे रज्जो के आरोपों की सच्चाई सामने आ जाएगी।