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Jalaun News: बारिश और ओलावृष्टि ने दिया किसानों को झटका

Mon, 20 Mar 2023 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। बेमौसम बारिश ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। कई स्थानों पर तेज बारिश होने की वजह से खेतों में पानी भर गया है, जिससे खेतों में कटी पड़ी सरसों, चना और जौ की फसल डूब गई हैं। बारिश से गेहूं की पकी फसल खेतों में बिछ गई है। माधौगढ़, महेवा, कालपी, कदौरा क्षेत्र में फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है। परासन और महेवा क्षेत्र में हल्की ओलावृष्टि की भी सूचना है।
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आटा संवाद के अनुसार कदौरा ब्लॉक के कहटा, सुनहेटा में दोपहर साढ़े 12 बजे के लगभग करीब एक घंटे तक तेज बारिश और कुछ देर तक ओलावृष्टि हुई। इसकी वजह से किसानों के खेत में खड़ी गेंहू, चना, अरहर, सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भर गया है। आटा गांव के किसान भगवती प्रसाद ने बताया कि वह खेत में सरसों की फसल काट रहे थे। उसी दौरान ओलावृष्टि शुरू हो गई। वह खेत में ही फंस गए। ओलों से चुटहिल हो गए। किसानों ने पास के अस्पताल में भर्ती कराया।
कहटा में एक घंटे तक बारिश हुई और आधे घंटे तक 50 ग्राम तक के ओले गिरे। गांव के किसान रामसनेही की पांच बीघा सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। हरनारायण की आठ बीघा गेंहू पूरी तरह खेत में बिछ गई। रमेश यादव पांच बीघा सरसों, देवीचरन दो बीघा चना, भगवती प्रसाद पांच बीघा चना, दो बीघा सरसों, प्रागी की तीन बीघा सरसों, रामकुमार राजपूत की पांच बीघा गेंहू पर असर हुआ है। दशाराम अहिरवार की चार बीघा गेंहू 2 बीघा सरसों, विनोद राजपूत की पांच बीघा गेंहू, संतोष राजपूत की तीन बीघा सरसों खराब हुई है। सुदामा राजपूत की पांच बीघा गेंहू, विपिन की तीन बीघा सरसों की फसल इस बारिश ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई। किसानों ने फसलों में हुए नुकसान को लेकर प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।
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कालपी संवाद के अनुसार ओलावृष्टि और भारी बारिश के चलते फसल को 50 फीसदी से भी अधिक नुकसान पहुंचा है। मुसमरिया के संतोष सिंह, लोकेंद्र सिंह, महेवा के मुनीम सिंह, बैरई, हररायपुर, सतरहजू, हिम्मतपुर, भगोरा, नसीरपुर, सीकरी रहमान पुर, पिपरौंधा, टिकावली नूरपुर के किसानों ने बताया कि हवा से गेहूं की फसल जमीन में बिछ गई है।
सिरसाकलार संवाद के अनुसार जहटौली, जखा, दमरास, मलथुआ, गिगौरा, छानी, पीपरी आदि मौजो में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान मुकेश सिंह, हरिराम, राजेश सिंह, रेखा देवी आदि का कहना है कि वैसे ही नहरों में पानी के देर से आने से किसानों को पलेवा करने में देरी हो गई थी। इसके बाद पानी के साथ हवा चलने से उनकी फसलें बर्बाद हो गईं।
कदौरा संवाद के अनुसार ब्लॉक के किसान विनय सेंगर, वीरेंद्र सिंह,अजय कुमार,दया शंकर, सुरेश सिंह,कल्लू,श्यामू महाराज, दीपू सिंह,आशीष राजावत, नरेंद्र वीर सिंह ने बताया कि अब गेहूं की फसल की पैदावार आधी हो जाएगी।
उधर, बारिश से कदौरा कस्बे में भी पानी भर गया। महेवा संवाद के अनुसार ग्राम नांदई, बम्हौरा, न्यामतपुर, अभयपुर, चुर्खी, पाल, सरैनी, ईंगुई, कासिमपुर सहित कई गांवों में खेतों में पानी भरने से फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। वहीं, तेज आंधी के चलते पेड़ गिर गए, जिससे चुर्खी नियामतपुर मार्ग पूरी तरह से जाम हो गया है। जिसको वन विभाग की ओर से टहनियां कटवाकर मार्ग खुलवाया गया।

रामपुरा और माधौगढ़ के किसान बोले, पैदावार में आएगी गिरावट
माधौगढ़/रामपुरा। माधौगढ़ और रामपुरा क्षेत्र में भी तेज हवा के साथ हल्के ओले गिरने से फसलें धराशायी हो गई है। रविवार दोपहर तेज हवा के साथ क्षेत्र के गांव कुरौती, हरौली, कैलोर, असहना, गीधन की खोड़,मचकछा में ओले गिरने गेहूं, बेझर, सरसों, मटर, चना, धनियां की फसलें धराशायी हो गईं। किसान अवधेश भदौरिया, जानकी शरण,वीरू तोमर, रामनरेश सिंह आदि का कहना है कि फसलों के गिरने से पैदावार में गिरावट आ जाएगी। फसलों में हार्वेस्टर न चल पाने से गेहूं की कटाई महंगी हो जाएगी। रामपुरा क्षेत्र के किसान सुरेश चंद्र, मुन्नीलाल, चंद्रभान, रामसिंह ने बताया कि सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। वर्जन
बारिश और ओलावृष्टि की सूचना मिली है। मैदानी अमले को तुरंत जानकारी करके सूचना देने के लिए कहा गया है। सर्वे कराकर किसानों को नुकसान के अनुसार हरसंभव मदद की कोशिश की जाएगी।
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पूनम निगम, एडीएम वित्त एवं राजस्व जालौन


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