फोटो-13-झोलाछाप के क्लीनिक पर रखे इंजेक्शन व दवाएं। संवाद
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उरई। महेबा ब्लॉक के नियामतपुर में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप के क्लीनिक पर छापा मारा। टीम को देखकर क्लीनिक संचालक मरीजों को छोड़कर भाग गया। करीब आधे घंटे बाद लौटने पर अधिकारियों ने उससे क्लीनिक संचालन से संबंधित अभिलेख मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया। जांच के दौरान मौके पर टूटे हुए इंजेक्शन, मेज पर खुले पड़े इंजेक्शन और सिरिंज के साथ कई तरह की दवाएं भी मिलीं। छापेमारी की भनक लगने पर क्षेत्र के दो अन्य क्लीनिक संचालक भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए।
एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे नियामतपुर में कार्रवाई की। टीम जब मोहन पाल के क्लीनिक पर पहुंची तो वहां चार मरीजों का उपचार किया जा रहा था। अधिकारियों को देखते ही संचालक मरीजों को छोड़कर मौके से भाग निकला। टीम ने करीब आधे घंटे तक इंतजार के बाद केमिस्ट की मौजूदगी में अभिलेख न दिखाने पर क्लीनिक सील कर दिया। छापे की भनक लगते ही क्षेत्र के दो अन्य क्लीनिक संचालक प्रतिष्ठान बंद कर चले गए। एसीएमओ ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में झोलाछाप के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
क्लीनिक की जांच के दौरान टीम को काफी मात्रा में टूटे हुए इंजेक्शन मिले। इसके अलावा मेज पर खुले इंजेक्शन और सिरिंज रखे हुए थे। मौके पर कई तरह की दवाएं भी मिलीं। टीम ने केमिस्ट की मौजूदगी में क्लीनिक को सील किया गया।