उरई। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ से जुड़े 24 विभागों के डिप्लोमा इंजीनियरों ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर पीडब्ल्यूडी कार्यालय में एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान वेतन पुनरीक्षण एवं पुरानी पेंशन बहाली को लेकर इंजीनियरों ने नारेबाजी की। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित 21 सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए प्रांतीय पर्यवेक्षक सतीश गौरव ने कहा कि वेतन विसंगति दूर करते हुए ग्रेड पे 4800 देकर इंजीनियरों को राजपत्रित दर्जा दिया जाए। शाखा सचिव प्रशांत कुमार सक्सेना ने कहा कि नई पेंशन को समाप्त कर पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए और सभी निकाय, उपक्रमों, प्राधिकरणों में इंजीनियरों के वेतन भत्ते और अन्य सुविधाए समान दी जाएं।
निर्धारित कोटे के अनुसार पदोन्नति की जाए और कार्य स्थल पर इंजीनियरों को सुरक्षा प्रदान की जाए। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष आरसी पस्तोर ने की। भगवती प्रसाद, देवीदयाल, संजय, पंकज, अभिषेक, रामप्रकाश, जितेंद्र, ब्रजराज, अमरनाथ, हरीप्रकाश, रईस, इरशाद, चंद्रप्रकाश, गिरजाशंकर, अरविंद रहे।
ये डिप्लोमा इंजीनियर रहे शामिल
पीडब्लूडी, सिंचाई सिविल, विद्युत, यांत्रिक, राज्य विद्युत परिषद, जल निगम, लघु सिंचाई, आरईएस, विद्युत सुरक्षा निदेशालय, नगर एवं ग्राम्य नियोजन, आवास विकास परिषद, स्थानीय निकाय, कृषि, भूमि विकास एवं जल संसाधन, राजकीय निर्माण निगम, सेतु निगम, विकास प्राधिकरण, समाज कल्याण निर्माण निगम, यूपीएसआईडीसी, हथकरघा, आईटीआई, जिला पंचायत परिवहन, प्रोजेक्ट कारपोरेशन, मंडी परिषद समेत 24 विभागों के इंजीनियर हड़ताल में शामिल रहे।