सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि उरई के राजेंद्रनगर मोहल्ला निवासी मंगलम चतुर्वेदी (47) पुत्र रामप्रकाश प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे। 19 जनवरी को स्कूल के काम से प्रयागराज गए थे। वापस लौटने के बाद 25 जनवरी को मंगलम के सिर और बदन में दर्द के साथ गले में समस्या व नाक से खून आना आदि आने लगा। निजी चिकित्सकों को दिखाने के बाद 31 जनवरी को जालौन मेडिकल कालेज में दिखाया, जहां से उन्हें कानपुर या लखनऊ जाने को कहा गया।
सीएमओ ने बताया कि परिजन 31 जनवरी की रात मंगलम को कानपुर ले गए और वहां के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया। सीएमओ ने बताया कि 2 फरवरी को मंगलम को स्वाइन फ्लू की जानकारी मिलने पर एसीएमओ डा. सत्यप्रकाश के निर्देशन में रैपिड एक्शन टीम डा. राहुल सचान व एपीडेमियोलॉजिस्ट महेंद्र कुमार के टीम उनके घर भेजी गई। उनके परिजनों को टेमीफ्लू की टेबलेट दी गई। साथ ही उनसे मिलने वाले एवं स्कूल जाकर भी जांच की गई। सीएमओ ने बताया कि इसके अलावा किसी को स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।