उरई। नगर पालिका को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल किए जाने के बाद अब उरई कोस्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। शासन से मांगी गई जानकारी के 22 बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर शुक्रवार को ऑनलाइन भेज दी गई है। अब यह जानकारी औपचारिक रूप से पत्र के माध्यम से भी शासन को भेजी जा रही है।
नगर पालिका ने इस रिपोर्ट में शहर की मौजूदा आवश्यकताओं और अधूरी सुविधाओं का ब्योरा दिया है। खासतौर पर मुफ्त वाई-फाई और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। फिलहाल शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। पालिकाध्यक्ष गिरिजा चौधरी ने बताया कि करमेर रोड, स्टेशन रोड, घंटाघर रोड, मुख्य बाजार और आस-पास के अन्य क्षेत्रों में स्मार्ट सिटी के तहत आधुनिक सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। साथ ही शहर के पिछड़े इलाकों को सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
पालिका अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत शासन से 5 से 10 करोड़ रुपये तक का बजट मिलने की संभावना है। यह बजट पहले चरण के लिए होगा। यदि निर्धारित समय में बेहतर कार्य किया गया तो आगे और अधिक बजट भी प्राप्त हो सकता है, जैसा कि अन्य स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में देखा गया है। पालिका की रिपोर्ट में जिन 22 बिंदुओं पर जानकारी दी गई है।
विधायक ने की थी पहल
उरई। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने पिछले दिनों 2025-26 बजट सत्र में उरई नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मांग रखी थी। इसी क्रम में उरई को स्मार्ट सिटी बनाने के रूप में चयनित करने का निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश शासन के उप सचिव मोहम्मद वासिफ ने प्रदेश के 58 जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकाय को आदर्श स्मार्ट नगर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। उसमें उरई भी शामिल है। स्मार्ट नगर बन जाने के बाद उरई का सर्वांगीण विकास किया जाएगा।