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बिजली संकट, लो वोल्टेज-फाल्टों ने रुलाया

Fri, 27 May 2016 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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कुसमिलिया में पॉवर हाउस के बाहर नारेबाजी करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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गर्मी के मौसम में बिजली संकट गहराने से शहर में त्राहि-त्राहि मची हुई है। पर्याप्त  बिजली न मिलने के कारण आम जनजीवन पटरी से उतरने लगा है। शुक्रवार को दिन में चार घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग से भी जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। इसके अलावा कालपी रोड स्थित एक्सचेंज चौराहे पर रखा ट्रांसफार्मर भी गुरुवार की रात फुंक गया। इससे पटेल नगर
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के बाशिंदे रात भर अंधेरे में डूबे रहे। लंबे समय से शहर में बिजली संकट है। इससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। शासन का आदेश है कि जिला मुख्यालयों को 20 घंटे बिजली सप्लाई की जाए। इसके बावजूद भी हालत यह है कि शहरियों को 24 में मात्र 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उस पर भी लो-वोल्टेज व फाल्टों  ने समस्या को और बढ़ा

दिया है। लो-वोल्टेज के कारण लोग कूलर, पंखा, फ्रिज नहीं चला पा रहे। इससे उन्हें गर्मी से निजात भी नहीं मिल पा रही। इसके अलावा थोड़ी-थोड़ी देर में होने वाले फाल्टों की वजह से भी बार-बार बिजली सप्लाई बाधित हो रही है। शुक्रवार को दिन में चार घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग हुई। तीन बजे से शाम सात बजे तक बिजली गुल रहने से जनजीवन पर बुरा
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असर पड़ा। इसके अलावा कालपी रोड स्थित एक्सचेंज चौराहे पर रखा ट्रांसफार्मर भी गुरुवार की रात को तेज धमाके के साथ फुंक गया। इससे मोहल्ला पटेल नगर के लोगों को पूरी

रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। दिन में भी बिजली संकट का सामना करना पड़ा। शहर में गहराई बिजली समस्या का बुरा प्रभाव आम जनमानस पर पड़ रहा है। पर्याप्त बिजली न मिलने से पानी संकट भी गहराने लगा है।

वर्जन
रोस्टर के अनुसार बिजली की सप्लाई की जा रही है। बीच-बीच में समस्या आने पर सप्लाई रोकनी पड़ती है। शुक्रवार को दोपहर साढ़े तीन से साढ़े छह बजे तक इमरजेंसी रोस्टिंग होने की वजह से सप्लाई नहीं की जा सकी। - धर्मवीर सिंह, एसडीओ, बिजली विभाग

चार दिन से बिजली गुल, पब्लिक बेहाल
चार दिन पहले आई तेज आंधी के चलते ग्रामीणांचलों की बिजली गुल हो गई। तब से अब तक विद्युत आपूर्ति व्यवथा पटरी पर नहीं आ सकी है। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुसमिलिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांव चार दिन से अंधेरे में डूबे हुए हैं। इससे भड़के ग्रामीणों ने शुक्रवार को

उपकेंद्र के बाहर नारेबाजी कर समस्या को जल्द दूर किए जाने की मांग की।  बताते चलें कि आंधी में खंभे और तार टूटने से गुल हुई बिजली चार दिन बाद भी बहाल नहीं हुई है। प्रभावित गांवों में कुसमिलिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कुठौंदा, मुहम्मदाबाद, ऐरी, रमपुरा, डकोर, मुहाना, चिल्ली, टिमरो, मकरेछा, बंधौली, गुढ़ा, सिमरिया आदि शामिल हैं। वहीं,

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली समस्या की शिकायत करने के लिए जब भी अधिकारियों से संपर्क करना चाहते हैं तो उनका मोबाइल बंद मिलता है। इसे लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों में आक्रोश है। बिजली न आने से पानी की समस्या भी हो गई है। ऐसे में हैंडपंपों पर सुबह से ही पानी भरने वालों की भीड़ उमड़ती है। कई बार पहले पानी भरने को लेकर झगड़े तक की

नौबत आ जाती है। लोगों के मोबाइल तक चार्ज न होने से बंद हो गए हैं। बिजली चालित चक्कियां भी बंद पड़ी हैं। पंपिंग सेट से चल रहीं एक दो चक्कियों ने पिसाई के रेट बढ़ा दिए हैं।
अधिकारियों के रवैये से नाखुश ग्रामीणों का सब्र शुक्रवार को जवाब दे गया। ग्रामीणों ने कुसमिलिया विद्युत उपकेंद्र के बाहर नारेबाजी कर विभागीय जिम्मेदारों के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किकया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी श्रीमती संदीप कौर से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
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