मतदान के दिन जनपद में कहीं पर भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं रहेगी। खासकर मतदान केंद्रों पर बिजली व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखी जाएगी। इस दौरान बिजली किल्लत न हो, इसकी निगरानी के लिए आधा दर्जन टीमों का गठन किया गया है। ये अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर बिजली व्यवस्था पर नजर रखेंगी। टीमों का बूथों पर विशेष फोकस रहेगा। बिजली
विभाग के आलाधिकारी भी टीमों के क्रियाकलापों पर नजर रखकर बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएंगे। यदि इसमें किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई होगी। जिले में चौथे चरण में 23 फरवरी को चुनाव कराया जाएगा। प्रशासन की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। जिले में 1460 बूथों पर वोट डाले जाएंगे। निर्वाचन आयोग का सख्त आदेश है कि जिले में
चुनाव के दिन बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। खासकर बूथों पर भरपूर बिजली मिले, ताकि मतदान के वक्त केंद्रों पर बिजली की समस्या आडे़ न सके। आयोग की मंशा को अमली
जामा पहनाते हुए बिजली विभाग ने चुनाव के लिए बिजली व्यवस्था दुरुस्त बनाने की सारी तैयारी कर ली है। मतदान के दिन 12 घंटे यानि सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कहीं पर भी बिजली गुल नहीं रहेगी, ऐसा बिजली विभाग के अधिकारी कह रहे हैं। अब देखना यह है कि बिजली विभाग के अधिकारियों का यह दावा कितना कारगर साबित होगा।
निगरानी के लिए टीमों का गठन
चुनाव में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए आलाधिकारियों ने आधा दर्जन टीमों का गठन किया हैं। इसमें सभी तहसीलों के अवर अभियंता, जेई, टेक्नीशियन के अलावा विद्युत लाइनमैनों को शामिल किया गया है, जो बूथों पर बिजली व्यवस्था बाधित न हो, इसको लेकर सक्रिय रहेंगे।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद का कहना है कि चुनाव के वक्त बिजली व्यवस्था को लेकर जिन टीमों का गठन किया गया है, उसमें शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वह इसमें लापरवाही न बरतें। उदासीनता सामने आई तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।