कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बुंदेलखंड यात्रा के भले ही कुछ भी सियासी मायने निकाले जा रहे हाें पर आम लोगाें व सियासी दलों की राय एकदम अलग है। किसान व राजनीतिक दलों के नेताओं की मानें तो किसानों के मुद्दे को राहुल आज जरूर उठा रहे हैं पर तब इस ओर उन्होंने ध्यान क्यों नहीं दिया जब उनकी पार्टी केंद्र में दस वर्षों तक रही। वहीं, 40 वर्षों तक केंद्र में लगातार रहने पर भी किसानों के लिए
कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया, यह सवाल भी अधिकतर राजनीतिक दलों के नेता अब पूछ रहे हैं। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता से लेकर आज तक किसानों के लिए क्या किया। किसान आज भी वहीं है जहां 70 वर्ष पहले खड़ा था। कोई ठोस नीति क्यों नहीं बनाई गई। अब जब देश के अधिकतर प्रदेशों से कांग्रेस का सफाया होता जा रहा है तो
एकाएक कांग्रेस को किसानों की याद कैसे आ गई। चाहे विदर्भ हो या फिर बुंदेलखंड, कांग्रेस के शासन काल में ही किसान आत्महत्याएं करते आए। छत्तीसगढ़, झारखंड जैसे प्रदेशों को इस लिए बनाना पड़ा क्योंकि इनका विकास ही नहीं किया गया। यहां के लाखों करोड़ों आदिवासियों व किसानों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कांग्रेस ने क्या किया। उन्होेंने कहा कि कांग्रेस के युवराज राहुल की सभाओं में आज
जो भीड़ दिख रही है वह उन्हें देखने वालों की है। उनकी सभाओं मेें लोग खाट लूटने जा रहे हैं, पार्टी का सदस्य बनने या उन्हें वोट देने नहीं। बसपा के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरोमणि ने कहा कि कांग्रेस के युवराज आज के युग में किसानों को भ्रमजाल में फंसाकर खाट सभा कर रहे हैं। फिर सभी किसानों के लिए खाट तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। खाट पर किसानों की बजाए कांग्रेस और पीके टीम के लोग बैठ रहे हैं।
आम आदमी को राहुल के पास तक जाने नहीं दिया जा रहा। मुद्दों में भी कोई जान नहीं है। कांग्रेस ने किसानों विशेषकर बुंदेलखंड के किसानाें के लिए क्या किया। आज तक उनके पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। फिर वो सत्ता में भी नहीं है। न तो केंद्र मेें और न ही राज्य में। फिर किस आधार पर वे किसानों का भला कर पाएंगे। सपा के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव ने कहा कि राहुल की सभाओं में भीड़ केवल उन
लोगाें की है जो उन्हें प्रत्यक्ष देखना चाहते हैं। इस भीड़ में सपा, बसपा और बीजेपी के भी कार्यकर्ता जा रहे हैं, उन्हें सुन रहे हैं, उन्हें देख रहे हैं। पर वे उनके वोटर नहीं हैं। वहीं पूर्व सांसद व राजनीतिक विश्लेषक
घनश्याम अनुरागी ने भी कहा कि राहुल बुंदेलखंड में घूम रहे हैं, सभाएं कर रहे हैं। अच्छा है। घूमना और लोगों से मिलना चाहिए। पर इस दौरे का उन्हें या उनकी पार्टी को कोई विशेष फायदा होगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि राहुल की सभा में जुटने वाली भीड़ आम लोगाें की है जो पहले से ही किसी न किसी पार्टी के समर्थक हैं। उन्हें कांग्रेस से जोड़ने के लिए ठोस मुद्दों की जरूरत है। घिसे पिटे मुद्दों की नहीं।