धर्मांतरण के मुद्दे पर युवक के बाल काटकर गधे पर बिठाकर घुमाने के मामले में विवेचक द्वारा साक्ष्य कोर्ट में पेश न करने पर दरोगा को एसपी एन कोलांचि ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं कोतवाली पुलिस ने जेल से छूटे दोनों बजरंग दल के कार्यकर्ताआें को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।
गौरतलब है कि बीते जनवरी माह में रेढ़र थाना व कस्बा निवासी एक दलित युवक को कस्बे का ही अवधेश सविता बनारस ले गया और वहां पर उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया था।
इसकी जानकारी जब बजरंग दल के प्रमुख को हुई तो उन्हाेंने युवक को पकड़कर उसके बाल काटकर गधे पर बिठाकर शहर में घुमाया था। इस मामले में युवक की तहरीर पर बजरंग दल प्रमुख सहित 17 लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपी बघौरा निवासी नौमेष द्विवेदी व शिव्म द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोप है कि दरोगा अरुण तिवारी ने आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए स्पेशल जज डकैती के यहां प्रार्थना पत्र दिया।
इस दौरान विवेचक अरुण तिवारी कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके तो कोर्ट ने दोनाें आरोपियाें को 50-50 हजार रुपये अनुबंध पर जमानत दे दी। इस पर एसपी ने दरोगा की लापरवाही पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उधर, जेल से रिहा होने पर स्वाट टीम प्रभारी ने दोनों बजरंग दल कार्यकर्ताआें को दोबारा हिरासत में ले लिया है। पुलिस पूरे मामले में चुप्पी साधे है। युवकाें के परिजनाें ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाकर एसपी से दोनाें को छोड़ने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। एसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया है।