उरई। परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं को कांवेंट स्कूल की तर्ज पर फोटोयुक्त आईकार्ड मिलेंगे। आईकार्ड बनाने की जिम्मेदारी एक एनजीओ को दी गई है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत पत्र जारी कर शत प्रतिशत बच्चों के आईकार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि जिले में करीब 1.40 लाख बच्चे बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय स्कूलों में पढ़ते हैं। इन सभी बच्चों के आईकार्ड (परिचयपत्र) बनाए जाने हैं। इसे बनाने की जिम्मेदारी समाज कल्याण एवं शिक्षा विकास समिति लखनऊ की संस्था को दी गई है। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि परिचयपत्र बनाने का काम मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक झांसी मंडल के निर्देश पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के परिचय पत्र बनाए जाने हैं। बीएसए ने बताया कि छात्र-छात्राओं को प्लास्टिक लेमीनेटिड आईकार्ड और फीता निशुल्क दिया जाएगा। जबकि रंगीन फोटो का शुल्क बीस रुपये लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह शुल्क दिव्यांग छात्र-छात्राओं को नहीं देना होगा। उनके लिए यह आईकार्ड पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
बीएसए ने बताया कि आईकार्ड बनवाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है कि वह अपने क्षेत्र में संचालित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, वार्डन के सहयोग से सभी बच्चों का फोटोयुक्त आईकार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।